संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीएवी गर्ल्स कॉलेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में मनोविज्ञान विभाग की ओर से एक्सटेंशन लेक्चर व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई। पोस्टर में बीए मनोविज्ञान ऑनर्स प्रथम वर्ष की हंसीका ने पहला, बीए तृतीय वर्ष की छात्रा निवेदिता और रजनी ने संयुक्त रूप से दूसरा तथा बीए प्रथम वर्ष की सनाया और बीएससी फैशन डिजाइनिंग की छात्रा नंदनी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान अर्जित किया।
भारती साइकेट्रिक अस्पताल की मनोवैज्ञानिक परामर्श कर्ता डोली मेहता मुख्य वक्ता रहीं। प्रिंसिपल डॉ. मीनू जैन ने कहा कि जीवन की चुनौतियों से हार मानकर व्यक्ति हताश हो जाता है, जो कि कई बार आत्महत्या जैसा कदम भी उठा लेता है। कोई भी व्यक्ति आत्महत्या न करें, इसलिए परिवार के सदस्यों, दोस्तों, सहकर्मियों इत्यादि को अपनी भागीदारी दिखानी चाहिए।
शालिनी छाबड़ा ने बताया कि आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाने का उद्देश्य विश्व में तेजी से बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है। अक्सर बदलती जीवन शैली, खुद के लिए समय की कमी, दिनभर व्यस्त दिनचर्या, दुष्चिन्ता लोगों में अवसाद का कारण बन रही हैं। आर्थिक स्थिति से उपजी चिड़चिड़ाहट, आक्रामकता, शोषण और दुर्व्यवहार का अनुभव करना साहित अन्य कारक आत्महत्या के लिए उकसाने तथा निराशा की भावनाओं को बढ़ावा देता है।