शहर के विकास कार्यों के एजेंडे पर नगर निगम सदन की 10वीं बैठक एक जून को ग्रे पेलिकन में प्रस्तावित है। इसके लिए सात दिन पहले यानी 24 व 25 मई से वार्ड पार्षदों से निगम कर्मियों ने फोन कर प्रस्ताव मांगे। शायद इस दौरान जो पार्षद प्रस्ताव दे पाए, उन्हीं से बैठक का एजेंडा तैयार कर लिया गया। तभी साढ़े छह माह बाद हो रही बैठक के एजेंडे में भी आधे से ज्यादा वार्डों का एक भी प्रस्ताव नहीं है। जबकि सदन का मौजूदा कार्यकाल महज छह माह का शेष है। ऐसे में जिन वार्डों के प्रस्ताव एजेंडे में नहीं है, उनके पार्षदों का मलाल है। साथ ही बैठक से सिर्फ चार दिन पहले ही एजेंडे की कॉपी दिए जाने पर वह सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि इस बार सदन बैठक के एजेंडे में 22 ही प्रस्ताव हैं। इसमें वार्ड 11, 12, 14 से चार-चार व वार्ड 18 व 19 से तीन-तीन, वार्ड-1, 7, 17, 21 व 22 से एक-एक प्रस्ताव हैं। दो अन्य प्रस्ताव पिछली बैठकों के मंजूर कामों की स्थिति जानने का हैं। इसमें एक प्रस्ताव निगम क्षेत्र के पार्कों व धर्मशालाओं के नाम बोर्ड के लगाने के काम की जानकारी फोटो सहित देने का है और दूसरा प्रस्ताव वार्ड-11, 17, 19, 21 व 22 के पार्षदों की ओर से अब तक की सदन बैठकों में उनके वार्डों के लिए पास किए प्रस्तावों में से जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, उनकी सूची सदन में देने सहित जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की मांग का है।
बैठक के एजेंडे की कॉपी ज्यादातर पार्षदों को 27 मई को मिली। जिस पर 25 मई की तारीख अंकित है। इसे पार्षद अफसरों की चालाकी बता रहे हैं। वार्ड-4 से पार्षद देवेंद्र सिंह, 5 से विनय कांबोज, 7 से रामआसरा भारद्वाज, 8 से विनोद मरवाह ने कहा कि एजेंडे की कॉपी पार्षदों को बैठक से कम से कम सात दिन पहले मिलनी चाहिए। इसलिए एजेंडे पर 25 मई अंकित है, पर उसकी कॉपी पार्षदों को 27 मई को मिली। अब बैठक के लिए बचे चार दिन पार्षदों को तैयारी के लिए नाकाफी है। पहले बैठक की सूचना व पार्षदों से प्रस्ताव मांगने में देरी की गई फिर एजेंडा बनाकर पार्षदों को भेजने की जल्दी में आधे वार्डों के प्रस्ताव भी शामिल नहीं किए गए, जिसका बैठक में विरोध होगा।
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वर्जन-
नगर निगम सदन की बैठक एक जून को है। इसके लिए वार्ड पार्षदों से प्रस्ताव लेकर एजेंडा तैयार किया गया है। जिस पर सदन में चर्चा कर मंजूरी का फैसला लिया जाएगा।
- मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।