संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में हैफेड ने सरसों की खरीद अचानक बंद कर दी। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान फसल लेकर अनाज मंडी में लदो दिन से भटक रहे हैं। किसान सरसों को कभी मंडी में सरसों सुखाते हैं तो कभी बोरियों में भरते हैं। हैफेड की तरफ से किसानों को कहा जा रहा है कि उनका टारगेट पूरा हो गया है। अब हरियाणा वेयरहाउस सरसों की खरीद करेगा।
वहीं खरीद तो दूर सरसों लेकर आने वाले किसानों के गेट पास भी मंडी में नहीं कट रहे। किसानों का मंडी में सरसों लेकर पहुंचना लगातार जारी है। किसानों का आरोप है कि सरसों खरीद कब से बंद की जाएगी इसके बारे में हैफेड की तरफ से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई।
इस बार जिला प्रशासन की तरफ से जिले में केवल यमुनानगर अनाज मंडी को ही सरसों खरीद केंद्र बनाया गया था। मंडी में जगह का अभाव होने से हैफेड की ओर से जगाधरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद की जा रही थी। करीब 10 दिनों में हैफेड ने 6230 क्विंटल सरसों की ही खरीद की। बुधवार को भी किसान मंडी में सरसों लेकर पहुंचे लेकिन हैफेड अधिकारियों ने खरीद करने से मना कर दिया।
किसानों से कहा गया कि अब हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन की तरफ से सरसों आढ़ती के माध्यम से खरीदी जाएगी। वीरवार को भी मंडी में सरसों आया, लेकिन खरीद नहीं हो सकी। किसान जब मंडी में गेट पास कटवाने पहुंचे तो वेयरहाउस की वेबसाइट पर सरसों खरीद का विकल्प ही नहीं आ रहा था। जिस कारण सरसों के गेट पास ही नहीं कटे। हैफेड की सीनियर मैनेजर सरिता कांबोज ने बताया कि हैफेड ने सरसों खरीद का जो टारगेट रखा था वह पूरा हो चुका है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है कि अब सरसों की खरीद हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन की तरफ से की जाएगी।
हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के मैनेजर विकास ने बताया कि अब सरसों खरीद की जिम्मेदारी वेयरहाउस को मिली है। आढ़ती के माध्यम से सरसों खरीदी जा रही है। पोर्टल पर सरसों खरीद का विकल्प नहीं आ रहा था। पोर्टल ठीक हो गया है। इसलिए खरीद शुरू कर दी है। जो किसान वापस लौट गए थे उन्हें शुक्रवार को बुलाया गया है।
दो दिन से कर रहा रखवाली
भंभौल गांव के किसान एवं पूर्व सरपंच सरजंत सिंह ने बताया कि वह दो दिन से मंडी में 35 क्विंटल सरसों की रखवाली कर रहा है। हैफेड ने सरसों खरीदने से मना कर दिया। वेयरहाउस कॉर्पोरेशन भी सरसों नहीं खरीद रही। यहां तक की उसका गेट पास भी नहीं कटा। सरसों सुखाने व कट्टों में भरने के लिए मजदूरों को पैसे देने पड़ रहे हैं।
गेट पास भी नहीं काट रहे कर्मचारी
साबापुर के किसान सुमित ने बताया कि वह मंगलवार शाम मंडी में 12 क्विंटल सरसों लेकर आया था। परंतु उसका गेट पास काटने से कर्मचारी ने इंकार कर दिया। सरसों को सुखाने पर अलग से खर्च करना पड़ रहा है। अधिकारी एक दूसरे पर खरीद की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो सरसों का स्टॉक घर पर ही करना पड़ेगा।