यमुनानगर/बिलासपुर। लोहगढ़ गुरुद्वारे पर कब्जे को लेकर बन रही टकराव की स्थिति जिला प्रशासन की समझदारी से टल गई है। गुरुद्वारे में रहने वालों निहंगों को वहां से निकाला नहीं जाएगा। गुरुद्वारे में कुछ सिखों द्वारा लगाए गए बोर्ड को प्रशासन ने वहां से हटवा दिया है। जिला प्रशासन की इस कार्यवाही के बाद इस मामले को लेकर पटियाला से आए बुड्ढा दल के सदस्य भी वापस लौट गए, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
शनिवार को प्रशासन की ओर से एसडीएम बिलासपुर नवीन आहुजा, तहसीलदार तरुण सहोता व बीडीपीओ राकेश संधु कपालमोचन में ठहरे बाबा बुड्ढा दल के निहंगों से मिलने पहुुंचे। उन्होंने निहंगों को समझाया कि गुरुद्वारा लोहगढ़ में रह रहे निहंगों को वहां से निकाला नहीं जाएगा और वे ही वहां की सेवा संभाल करेंगे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी बाबा बुड्ढा दल पटियाला के निहंगों को साथ लेकर गुरुद्वारा लोहगढ़ पहुंचे।
गुरुद्वारे में दशकों से रह रहे निहंग जयमल सिंह व अजमेर सिंह को भी आश्वस्त किया गया कि उन्हें गुरुद्वारे से नहीं निकाला जाएगा। गौरतलब है कि वीरवार देर शाम सिख समुदाय के कुछ लोग गुरुद्वारे पहुंचे और वहां लगे बोर्ड व शिलान्यास पत्थर तोड़ दिया था। उन्होंने गुरुद्वारे में दशकों से रह रहे निहंग बाबा को परिवार सहित वहां से चले जाने को कहा। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। इसे लेकर सिखों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
गुरुद्वारे में रह रहे निहंग ही गुरुद्वारे की सेवा संभाल करेंगे। उन्हें वहां से नहीं निकाला जाएगा। कुछ सिखों द्वारा वहां लगाए गए बोर्ड को हटवा दिया गया है। पटियाला से आए बाबा बुड्ढा दल के निहंग वापस चले गए हैं।
नवीन आहूजा, एसडीएम, बिलासपुर