संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर स्थित जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को 24वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के गुरमीत सिंह और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लविश को प्रथम स्थान हासिल करने पर स्वर्ण पदक, 21-21 हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह के मुख्य अतिथि सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश चंदर कुहाड़ रहे। पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नवीन गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में एमबीए, बीटेक, बीबीए और बीसीए के 360 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह का नेतृत्व डॉ. एलएस रीन और कार्यकारी रजिस्ट्रार डॉ. नवदीप कुमार ने किया। मुख्य अतिथि ने ब्रांच टॉपर दिव्या (कंप्यूटर साइंस), अनीशा (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी), तन्वी (एमबीए), दीपांशी (बीसीए) और महक (बीबीए) को भी पदक व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। संस्थान के निदेशक डॉ. एसके गर्ग ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जेएमआईटी को टीसीएस प्रायोरिटी संस्थान का दर्जा प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 के लिए तैयार करने के उद्देश्य से रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल इंस्ट्रूमेंटेशन एंड ऑटोमेशन, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स इनोवेशन सेंटर, मैटलैब और डाइकिन एयर कंडीशनिंग सहित कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में इस वर्ष 17 मेरिट पोजीशन हासिल की हैं, जिनमें दो स्वर्ण पदक शामिल हैं।
सीखना कभी बंद न करें : प्रो. कुहाड़
मुख्य अतिथि प्रो. कुहाड़ ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखने, खोज, नवाचार और सेवा की जीवनभर की यात्रा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कभी सीखना बंद न करने और असफलता से नहीं डरने का आह्वान किया। इस अवसर पर पं. ज्ञानप्रकाश, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. आरके गर्ग, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. मनोहर गोयल, डॉ. माला शर्मा, डॉ. विवेक शर्मा समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।