सीबीएसई के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है।
परीक्षा के दौरान प्रश्नों को हल करने के लिए अब उन्हें फार्मूलों को रटने
की जरूरत नहीं पडे़गी।
अधिकारियों ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में संशोधन करने
की योजना बनाई है। इसके तहत परीक्षा के दौरान सवालों को हल करने के लिए
फार्मूले भी दिए जाएंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की रट्टा
मारने की प्रवृत्ति को कम करना है। परीक्षाएं सिर पर आते ही अकसर
विद्यार्थियों को रट्टा मारते देखा जा सकता है।
कई बार प्रश्न को हल करने
का फार्मूला इतना मुश्किल होता है कि वह ठीक से याद नहीं हो पाता, यही कारण
है कि विद्यार्थी परेशानी की वजह से तनाव ग्रस्त हो जाते हैं। जिस सीधा
असर उनकी परीक्षा पर साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा कई बार पेपर में
बैठने के बाद परीक्षार्थी सवाल हल करते समय रटा हुआ फार्मूला भूल जाते हैं।
इस कारण उनकी मुश्किलें बढ़ी नजर आती है।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
विद्यार्थियों की रट्टा मारने की प्रवृत्ति को कम करने के लिए प्रश्न को हल
करने के लिए साथ में फार्मूला देने की योजना बनाई है। सीबीएसई के
अधिकारियों का कहना है कि प्रश्न को हल करने के लिए एक फार्मूला देने के
बजाय कई सारे फार्मूले दिए जाएंगे। इनमें से विद्यार्थियों को सही
फार्मूले का चयन करना होगा।
सीबीएसई के अधिकारियों का कहना है कि
प्रश्नपत्र में एप्लीकेशन बेस्ड सवाल पूछे जाएंगे। सीबीएसई ने बदले हुए
प्रश्नपत्र पैटर्न को 11वीं कक्षा के लिए सत्र 2014-15 से लागू करने तथा
12वीं के लिए 2015-16 में लागू करने की योजना बनाई है।
इससे पहले भी किए कई प्रयोग
सीबीएसई
के अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों को हितों को ध्यान में रखते
हुए इससे पहले भी कई प्रयोग किए जा चुके हैं। 2013-14 के सत्र में 9वीं तथा
11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ओपन बुक एग्जाम प्रायोगिक तौर पर
शुरू किया गया है। वर्ष 20014-15 के सत्र में 10वीं और 12वीं के लिए यही
सिस्टम होगा। सूत्रों का कहना है कि सीबीएसई ने इसके लिए एक सब्जेक्ट कमेटी
बनाई है। इसमें दो से तीन विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। जो जल्द ही
बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। कमेटी द्वारा 10वीं तथा 12वीं के प्रश्न
पत्र तैयार करने में भी बोर्ड को सलाह दी जाएगी।
टीचर्स व विद्यार्थियों ने सीबीएसई की पहल को सराहा
परीक्षा
में प्रश्न को हल करने के लिए साथ में फार्मूला देने की योजना को टीचर्स
और विद्यार्थियों ने सराहा है। सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक
सिंघल का कहना है कि इस योजना से परीक्षा के दौरान विद्यार्थी तनाव मुक्त
रहेंगे, जबकि थापर कॉलोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की
प्रिंसिपल रेनू का कहना है कि रट्टा मारने की प्रवृत्ति कम होने से
विद्यार्थी बेहतर ढंग से प्रश्नों को हल कर सकेंगे, जबकि विद्यार्थी सोनल,
श्रेष्ठा तथा प्रियांशी का कहना है कि यह योजना लागू होने से विद्यार्थियों
को परीक्षा में सवालों को हल करने में परेशानी का सामना नहीं करना पडे़गा।
विद्यार्थी जहां तनाव रहित रहेंगे, वहीं उनकी रट्टा मारने की प्रवृत्ति से
छुठकारा मिलेगा।