विधानसभा अध्यक्ष के आवास के समक्ष राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के बैनर तले अतिथि अध्यापकों का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। रविवार को अनशन पर बैठे अतिथि अध्यापकों को बदलकर सोमवार को पांच अन्य अतिथि अध्यापक 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे।
अतिथि अध्यापकों के समर्थन में कई संगठनों के सदस्यों ने भी मिलकर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उन्हें नौकरी पर नहीं बुलाया गया तो 19 जुलाई को प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक करनाल में सीएम आवास का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
सोमवार को संघ के जिला वरिष्ठ उपप्रधान सुखदेव दड़वा, नवीन कांबोज, राकेश कुमार, ऋषिपाल व बलविंद्र को मालाएं पहनाकर अनशन पर बिठाया गया। धरने की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान संत कुमार ने की। प्रधान संत कुमार ने कहा कि यह क्रमिक अनशन सरप्लस का बहाना बनाकर हटाए गए 4073 अतिथि अध्यापकों के शिक्षा विभाग में पुन: नियुक्ति और इन हटाए गए अतिथि अध्यापकों सहित 15 हजार अतिथि अध्यापकों को नियमित करवाने के लिए किया जा रहा है।
धरने एवं क्रमिक अनशन पर बैठे अतिथि अध्यापकों ने स्पीकर से मांग की कि वे जन शिक्षा के हित में एवं बच्चों की प्रभावित होती पढ़ाई को देखते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर अतिथि अध्यापकों को नियमित करवाएं।
धरने में सर्वकर्मचारी संघ के राम कुमार कांबोज, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जरनैल सिंह सांगवान, संघ के वरिष्ठ नेता रविंद्र दहिया, बलविंद्र, रामदास, संदीप, हरपाल, प्रदीप सैनी, रमेश, विपिन, रविंद्र तेजली, शिव, कमल गर्ग, विनोद, जयभगवान, सोमती, नीलम, प्रतिभा, विनीता, मधु, रंजू, कुलविंद्र कौर, यशोधा, बलजीत, अर्चना गर्ग, शशि मैडम और जसबीर कौर ने संबोधित किया।