संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के बैनर तले अतिथि अध्यापकों ने जिला अध्यक्ष रविंद्र सैनी के नेतृत्व में दिवंगत राजरानी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार से नियमितीकरण की मांग को दोहराते हुए जल्द स्थायी रोजगार देने की अपील की।
जिला अध्यक्ष रविंद्र सैनी ने कहा कि सात सितंबर 2008 का दिन हरियाणा के अतिथि अध्यापकों के संघर्ष और बलिदान का दिन है। उस समय प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक रोजगार नियमित कराने की मांग को लेकर रोहतक में एकत्रित हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की, जिसमें सैकड़ों अतिथि अध्यापक घायल हुए और संघर्ष के दौरान बहन राज रानी शहीद हो गईं।
अतिथि अध्यापक तभी से राजरानी के सपनों को साकार करने और अपने रोजगार को नियमित कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रामविलास शर्मा ने सरकार बनने पर अतिथि अध्यापकों को पहली कलम से पक्का करने का वादा किया था। अब सरकार को यह वादा पूरा करना चाहिए।
संघ महासचिव सुशील कुमार ने कहा कि अतिथि अध्यापक करीब 20 वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं और अब उनकी सेवा का काफी कम समय बचा है। उन्होंने न्यायालय के फैसले के अनुसार निर्धारित समय सीमा में नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। इस अवसर पर श्याम कुमार, अंजू, अनुराधा, कपिल, जसविंद्र, विक्रम सिंह, संजीव कुमार सहित बड़ी संख्या में अतिथि अध्यापक मौजूद रहे।