संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन यमुनानगर के बैनर तले आढ़तियों ने मंगलवार को जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। अनाज मंडी जगाधरी एसोसिएशन के प्रधान मुनीष कांबोज की अगुवाई में किए गए प्रदर्शन में आढ़तियों ने विभिन्न मांगें उठाईं। साथ ही सरकार को संबोधित ज्ञापन डीसी को सौंपा।
प्रधान मुनीष कांबोज ने कहा कि गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 में खरीद बंद हुए 90 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आढ़तियों को गेहूं की आढ़त का पूरा भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से जल्द भुगतान के आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 के बाद गेहूं और धान की आढ़त 2.5 प्रतिशत से घटाकर 46 और 45.88 रुपये प्रति क्विंटल कर दी थी।
लंबे संघर्ष के बाद खरीद वर्ष 2026-27 में इसमें मामूली वृद्धि की गई है। आढ़तियों के अनुसार गेहूं पर 2.5 प्रतिशत की दर से 64.625 रुपये प्रति क्विंटल आढ़त बनती है, जबकि हरियाणा सरकार की ओर से 4.25 रुपये प्रति क्विंटल देने के बावजूद यह राशि करीब 55 रुपये प्रति क्विंटल रह जाती है।
इससे इस वर्ष गेहूं की आढ़त में आढ़तियों को करीब 75 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया। आढ़तियों ने सभी फसलों की सरकारी खरीद आढ़तियों के माध्यम से कराने और 2.5 प्रतिशत की दर से आढ़त का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के लाइसेंस को जीएसटी की तर्ज पर आजीवन जारी करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कृषि मंत्री एवं मुख्य प्रशासक के साथ बैठक में सहमति बनी थी, लेकिन निर्णय लागू नहीं हुआ। एसोसिएशन ने फसल की मशीन से सफाई की मजदूरी आई-फार्म में जोड़ने, लोडिंग मजदूरी को वास्तविक दर के आधार पर तय करने और मंडियों में तौल व्यवस्था की जांच का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों तक सीमित रखने की मांग की।
इसके अलावा दुकानों की आधी रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू करने, ई-नेम-2 में किसानों की अनावश्यक पंजीकरण प्रक्रिया खत्म करने तथा मार्केट फीस और एचआरडीएफ की दरों को अन्य राज्यों की तर्ज पर तर्कसंगत करने की मांग की गई।
आढ़तियों ने सरकार से प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया। प्रदर्शन में प्रदीप मित्तल, बंसी लाल, शिवकुमार, राजकुमार, मोहन लाल, अनिल अग्रवाल, हरिंद्र सिंह व अन्य आढ़ती मौजूद रहे।