फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: बाड़ी माजरा में सीवरेज लीकेज से धंसी जमीन, आंगनबाड़ी केंद्र की गिरी दो दीवारें

Thu, 27 Aug 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा गिरने के बाद दस्तावेज संभालते वर्कर्स। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


यमुनानगर। नगर निगम के बाड़ी माजरा में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ की तस्वीर सामने आई है। आंगनबाड़ी केंद्र की दो दीवारें मंगलवार रात अचानक भरभराकर ढह गईं। गनीमत रही कि हादसा रात करीब 10 बजे हुआ, वरना दिन में यहां आने वाले करीब 30 मासूमों की जान पर बन सकती थी।
ग्रामीणों के मुताबिक केंद्र के आसपास लंबे समय से पानी जमा है और दीवारों में लगातार रिसाव होने से नींव कमजोर होती गई। बुधवार रात को केंद्र के कमरे की जमीन धंस गई और दो दीवारें अचानक गिर गई। साथ ही केंद्र के दूसरे कमरों की छत और दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। आंगनबाड़ी केंद्र के जिस कमरे की दीवारें ढही हैं, उसी में बच्चे बैठते थे।
विज्ञापन

लोगों का कहना है कि केंद्र का यह भवन काफी पुराना था और जर्जर हो चुका था। इसे बदलने के लिए कई बार लोगों ने विभाग से मांग की थी, परंतु इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों ने कहा कि गनीमत रही कि हादसा रात को हुआ। यदि यह हादसा सुबह होता तो मासूम बच्चों की जान पर बन आती। लोगों ने कहा कि लीकेज से करीब 15 फीट गड्ढ़ा हो गया है। पानी लगातार भूमि के भीतर मार कर रहा है और आसपास की जमीन धंस रही है। उनका कहना है कि हालात ऐसे रहे तो क्षेत्र के अन्य घर व भवन भी ऐसे ही धराशायी हो जाएंगे।
आंगनबाड़ी केंद्र की सुपरवाइजर शिवानी कांबोज ने बताया कि केंद्र बदलवाने के लिए वह कई बार विभाग से मांग कर चुकी हैं, परंतु कोई नया स्थान नहीं दिया गया। वहीं, अब भवन गिरने के बाद केंद्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला में शिफ्ट किया जा रहा है।
-
तीन दिन से नहीं बुलाए बच्चे

आंगनबाड़ी केंद्र सुपरवाइजर शिवानी ने बताया कि यह भवन वृद्धाश्रम का है, जो काफी पुराना है। सोमवार रात को तेज बारिश होने पर तीन दिन से केंद्र में बच्चे नहीं बुलाए जा रहे थे। चूंकि केंद्र के आसपास पानी भरा हुआ था, ऐसे में बच्चों को बुलाया जोखिम भरा था। इस कारण तीन दिन से बच्चे केंद्र नहीं आ रहे थे। बच्चों को खाद्य सामग्री उनके घर पर ही पहुंचाई जा रही थी।


काफी समय से बनी हुई है समस्या

ग्रामीण गोल्डी ने बताया कि सीवर पाइपलाइन की समस्या काफी समय से बनी हुई है। डेढ़ साल से लोग इसकी मरम्मत करवाने की मांग कर रहे हैं। लगातार पानी भरे रहने से सड़क भी धंस गई है। ग्रामीणों ने कई बार मिट्टी डलवाकर रास्ता समतल करने का प्रयास किया, लेकिन मिट्टी धंसती रही।

-
नाम के हैं जनप्रतिनिधि
ग्रामीण ऋषिपाल ने कहा कि पार्षद भी इसी क्षेत्र से हैं। इसके अलावा भाजपा के दो पन्ना प्रमुख व मंडल अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से हैं। इस के लिए उनसे भी गुहार लगाई जा चुकी है परंतु मामला उनके हाथ में न होने की बात कहकर सभी पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इसमें किसी बच्चों को चोट लगती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।

कई घरों में आ गई हैं दरारें
सचिन धीमान ने बताया कि कई बार बच्चों की खैरियत के लिए यहां से आंगनबाड़ी शिफ्ट करने की मांग की जा चुकी है परंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया। वहीं, लीकेज भी दुरुस्त करने की मांग की गई, परंतु सुनवाई नहीं हो रही। इससे आसपास के घरों की दीवारों में भी दरारें आने लगी है। ऐसे में अन्य घरों व भवनों के ढहने का भी खतरा है।
-


पलट गई थी ट्रैक्टर-ट्रॉली

ग्रामीण अमन ने बताया कि इस रास्ते पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। सोमवार को यहां पर एक ट्रक फंस गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से निकाला गया था। वहीं, मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई थी। गनीमत रही कि ट्रैक्टर-ट्रॉली भवन की इमारत पर नहीं गिरी थी। हालात इतने खराब हैं कि यहां से गुजरना जान का जोखिम है।

आंगनबाड़ी केंद्र गिरने की कोई जानकारी नहीं है। जर्जर भवनों से केंद्र शिफ्ट करने के ऑर्डर कई बार जारी किए जा चुके हैं। वीरवार को मौका मुआयना करेंगी। इसके बारे सीडीपीओ और सुपरवाइजर को नोटिस जारी किया जाएगा। - मीक्षा रंगा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी


केंद्र से संबंधी उनके पास जानकारी नहीं है। नगर निगम अधिकारियों की टीम मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। जो भी समस्या होगी, उसका समाधान किया जाएगा। - सुमन बहमनी, महापौर नगर निगम।
विज्ञापन

-

आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा गिरने के बाद दस्तावेज संभालते वर्कर्स। संवाद

आंगनबाड़ी केंद्र का कमरा गिरने के बाद दस्तावेज संभालते वर्कर्स। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें