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बढ़ेगी हरियाली, लगाए जाएंगे नौ लाख से अधिक पौधे

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Greenery will increase, more than nine lakh saplings will be planted - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। वन विभाग की 18 नर्सरियों में 84 प्रजातियों के नौ लाख पौधे तैयार हैं। इनसे जिले की 769.313 हेक्टेयर भूमि हरियाली से खिल उठेगी। वहीं 264.049 पौधे अलग से उन पौधों की जगह लगेंगे जो किसी कारणवश टूटकर खत्म हो चुके या फिर सूख गए।
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यहां बता दें पिछले साल की अपेक्षा इस बार पेड़ों की पौध कम है लेकिन विभाग पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए जनता को अलग से जागरूक भी करेगा। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश के मौसम में पौधरोपण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इन प्रजातियों की पौध हो रही तैयार
18 नर्सरियां में नीम, बरगद, पीपल, पिलखन, कट सागवान, पपरी, कुसुम, चौकरसिया, मोलसिरी, बाकेन, बहेरा, शीशम, सफेदा, पॉपुलर, रोहेरा, तून, टीक, सिबल, अर्जुन, खैर, कीकर, डैंक, जंगल जलेबी, खैरी, फ्रांश, गुलमोहर, सिल्वर ओक, आम, जामुन, अमरूद, अनार, इमली व पपीता आदि प्रजातियों के पेड़ों की पौध तैयार हो चुकी है। जुलाई, अगस्त और सितंबर में पौधरोपण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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इतने वितरित किए जाएंगे पौधे विभाग के मुताबिक साढ़े पांच लाख पौधे बांटे जाएंगे तथा दो लाख पौधे जल शक्ति अभियान के तहत, एक लाख पौधगिरी के तहत स्कूलों में, ढाई लाख जनता के बीच वितरित किए जाएंगे। ये पौधे लोगों को बिल्कुल मुफ्त दिए जाएंगे। बता दें वन विभाग ने कई बार कुछ गांवों का सर्वे किया था। इसमें ज्यादातर पेड़ टूटे मिले, कई जगहों पर पेड़ गायब और कुछ जगहों पर सूखे थे। हालांकि पेड़ क्यों सूखे थे इसका पता नहीं चला। इसके बाद विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को बचाने के लिए मुहिम को चलाने का फैसला लिया है।
हरियाली कम होने का एक कारण यह भी
हालांकि जिले में हरियाली की कोई कमी नहीं है। मगर धड़ाधड़ कंक्रीटों की मीनारें बनने से अब इसका असर हरियाली पर भी पड़ने लगा है। लोग हरियाली को खत्म कर भवनों को तैयार करने में लगे हैं। जबकि दूसरी तरफ हरियाणा एनवायरमेंटल सोसायटी (एचईएस) के संस्थापक ग्रीनमैन प्रोफेसर एसएल सैनी का कहना है। वे 32 साल से पौधरोपण करने का कार्य करते आ रहे हैं। उनके प्रयास से शहर में लगभग तीन लाख के करीब पेड़ लगे हैं लेकिन उन्हें दुख इस बात का भी है जो पेड़ उनकी देखरेख में लगाए गए थे आज उन पेड़ों को काटा जा रहा है जो पर्यावरण के लिए खतरा है। इस समय लोगों पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की बहुत आवश्यकता है। हर घर में एक पेड़ लगा होना अति आवश्यक है।
इस बार लगभग नौ लाख से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। विभाग की 18 नर्सरियों में 84 प्रजातियों के पेड़ों की पौध तैयार हो चुकी है। जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में पौधरोपण का सबसे अच्छा समय होता है। पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए स्कूल, जनता, पंचायत आदि के तहत पौधे वितरित किए जाएंगे।
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-सूरजभान, डीएफओ, वन विभाग।
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