यमुनानगर। अनाज मंडियों में 27 सितंबर से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद शुक्रवार को बंद हो गई। खेतों में धान की बंपर पैदावार के बावजूद मंडियों में धान अपेक्षा से कम पहुंचा। इस बार मंडियों में केवल 600504 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो सकी है। जबकि प्रशासन ने सात लाख एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य पूरा होना तो दूर मंडियों में पिछले साल से भी कम धान इस बार पहुंचा है। गत वर्ष मंडियों में 695702 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। खेतों में धान की कटाई अब लगभग पूरी हो चुकी है। कई दिनों से मंडियों में धान आना बंद हो चुका था। वीरवार को बिलासपुर मंडी में 325 एमटी, जगाधरी में 66 एमटी, प्रतापनगर मंडी में 2132 एमटी, सरस्वतीनगर में 2263 एमटी, रणजीतपुर मंडी में 2508 एमटी धान की खरीद हुई।
इस साल अनाज मंडियों में जो कुल धान खरीदा गया है उसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 357639 मीट्रिक टन, हैफेड ने 126384 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन ने 116481 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। किसानों की मांग पर इस बार प्रदेश सरकार ने धान की सरकारी खरीद समय से पहले ही शुरू कर दी थी। हर बार एक अक्तूबर को मंडियों में धान खरीदा जाता था, लेकिन इस साल 27 सितंबर को ही धान की खरीद शुरू हो गई थी। परंतु इस बार धान खरीद शुरू होने के बाद कई अड़चनों का सामना करना पड़ा। राइस मिलरों की हड़ताल की वजह से मंडियों में धान का उठान बुरी तरह से प्रभावित रहा। राइस मिलर अपनी मांगों के पूरा नहीं होने तक धान की का उठान न करने की जिद पर अड़ गए। 15 दिनों तक उठान न होने से मंडियां धान की बोरियों से अट गई। जिससे मंडियां जाम हो गई और किसानों को भी फसल बेचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं तीन-चार दिनों तक मंडियों में आढ़तियों ने भी हड़ताल रखी। जिस कारण धान की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। उठान में देरी होने से आखिरी समय तक मंडियों में जाम के हालात बने रहे। यहां तकी उठान के लिए किसानों को भी सड़क पर उतरना पड़ा। किसानों ने उठान को लेकर अनाज मंडी जगाधरी के सामने लघु सचिवालय गेट पर प्रदर्शन किया।
अब खरीद बंद हो गई है: जीतेश गोयल
डीएफएससी जीतेश गोयल ने बताया कि धान की सरकारी खरीद 15 नवंबर को बंद हो गई है। सरकार के मानकों के अनुसार मंडियों में धान खरीदा गया। इस बार उम्मीद से कम धान मंडियों में पहुंचा है। लगभग सभी किसानों की पेमेंट हो चुकी है। जो थोड़े बहुत किसान बचे हैं उन्हें भी जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। इस बार प्रशासन की तरफ से सभी मंडियों में खरीद को लेकर पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे।