आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने यमुनानगर बस स्टैंड पर काले बिल्ले लगाकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही जीएम अश्वनी गोदारा को महानिदेशक के नाम दस सूत्री मांगपत्र सौंपा।
बुधवार सुबह 10 बजे डिपो प्रधान रविंद्र सिंह की अध्यक्षता में रोडवेज कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर बस स्टैंड परिसर में धरने पर बैठ गए। ऑल हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मियों की मानी हुई मांगों को लागू न कर हठधर्मी व वादाखिलाफी का परिचय दे रही है। अगर जायज मांगें लागू नहीं हुईं तो 22 जुलाई को रोडवेज कर्मी चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री आवास का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के उपप्रधान सुरेश कुमार लाठन ने कर्मचारियों का आह्वान किया कि 22 जुलाई को चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री के घेराव में शामिल होकर आंदोलन को तेज करें। उन्होंने कहा कि घेराव व प्रदर्शन के साथ हड़ताल की भी कॉल दी जा सकती है।
धरना-प्रदर्शन शाम पांच बजे तक चलता रहा। इसके बाद यूनियन के शिष्टमंडल ने जीएम रोडवेज यमुनानगर अश्वनी गोदारा को महानिदेशक के नाम मांगपत्र सौंपा। जीएम ने आश्वासन दिया कि उनके मांगपत्र को महानिदेशक तक पहुंचा दिया जाएगा। इस मौके पर उपप्रधान जगजीत सिंह, सचिव महेंद्र कालड़ा, बलदेव सिंह, रणजीत सिंह, हर्ष कुमार, राजकुमार, रघुबीर सिंह, जोगिंद्र सिंह, विजय शर्मा, मनिंद्र सिंह, हरविंदर सिंह, रोहताश, रविंद्र ठाकुर, मेहर सिंह मौजूद रहे।
मांगपत्र में रखी ये मांगें
पूर्ववर्ती सरकार की परिवहन स्कीम 2013 को रद किया जाए और विभाग व जनहित की नई परिवहन नीति शीघ्र लाई जाए।
कर्मशाला व कार्यालय कर्मियों सहित सभी खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
बोनस की स्थायी नीति बनाकर वर्ष 2013-14 व 2014-15 का बकाया दो साल का बोनस शीघ्र दिया जाए।
वर्ष 2003 से 2014 तक भर्ती हुए चालक परिचालकों को सरकार के आदेशानुसार नियुक्ति तिथि से नियमित मानकर एसीपी सहित सभी लाभ दिया जाए।
तकनीकी पदों पर कार्यरत सभी कर्मियों को तकनीकी स्केल व एसीपी के लाभ जनरलाइज किया जाए।
विभाग में कार्यरत कंप्यूटर प्रोग्रामर व ऑपरेटरों को सरकार के आदेशानुसार नियमित किया जाए।
सभी श्रेणियों के खाली पदों को पदोन्नति द्वारा भरा जाए।
गुड़गांव डिपो की तर्ज पर फरीदाबाद के मेन व सिटी दोनों डिपो को एक किया जाए।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा 19 फरवरी को दिए गए 30 सूत्री मांगपत्र पर बातचीत से समाधान किया जाए।