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Yamuna Nagar News: राजकीय कॉलेज छछरौली बनेगा आदर्श संस्कृति संस्थान

Fri, 28 Nov 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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छछरौली का राजकीय कॉलेज। आर्काइव
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जगाधरी। विद्यालयों की तरह सरकार राजकीय महाविद्यालयों को भी आदर्श संस्कृति संस्थान का दर्जा देगी। सरकार की ओर से प्रदेश के प्रत्येक एक जिले से कुल 22 महाविद्यालयों को आदर्श संस्कृति बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 22 कॉलेज का चयन किया गया है। जिले से राजकीय महाविद्यालय छछरौली का चयन आदर्श संस्कृति महाविद्यालय के लिए किया गया है। आदर्श संस्कृति महाविद्यालय बनने से विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। इसके अंतर्गत कॉलेज में नई एवं आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाने के साथ विभिन्न नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।इसके लिए निदेशालय की ओर से पत्र जारी किया गया है।
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निदेशालय व सरकार की मानकों व शर्ताें को पूरा करने वाले महाविद्यालयों का चयन किया गया। जिले में राजकीय महाविद्यालय छछरौली सभी 14 मानकों को पूरा करता है, जिसके बाद इसे आदर्श संस्कृति महाविद्यालय बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए पंचकूला में कार्यशाला भी लगाई जा चुकी है और अब जल्द ही चयनित महाविद्यालयों के प्राचार्याें, प्राध्यापकों व स्टाफ सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बता दें कि राजकीय महाविद्यालय छछरौली में अभी करीब 1325 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।



शिक्षामंत्री की अध्यक्षता में हुई चर्चा

प्रदेश के महाविद्यालयों को आदर्श संस्कृति का दर्जा देने के लिए सरकार की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। सरकार के आदेशों के बाद प्रदेश के हर जिले से एक कॉलेज का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया के बाद प्रदेश के सभी जिलों के 22 प्राचार्याें की पंचकूला में कार्यशाला करवाई गई। इस कार्यशाला में शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा सहित उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक सहित तमाम उच्चाधिकारी शामिल रहे। कार्यशाला में महाविद्यालयों को आदर्श संस्कृति बनाने के लिए विभिन्न मापदंड व मानकों पर चर्चा की गई। इसके अलावा विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और बेहतरीन परिणाम लाने पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला के बाद चयनित महाविद्यालयों को आदर्श संस्कृति का दर्जा देने की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। उम्मीद है कि नए सत्र से सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं। नए सत्र में जिले के विद्यार्थियों को आदर्श संस्कृति कॉलेज मिलने की संभावना है।
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यह निर्धारित हैं मानक
सरकार ने आदर्श संस्कृति महाविद्यालय के लिए कुल 14 मानक निर्धारित किए हैं। यह 14 मानक पूरा करने वाले महाविद्यालयों को आदर्श संस्कृति का दर्जा दिया जा रहा है। इसके लिए कॉलेज में विज्ञान, कंप्यूटर, भाषा सहित डिजिटल लैब होनी चाहिए। इसके अलावा संगीत, स्मार्ट क्लास, स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल व भौतिक पुस्तकालय, 100 मीटर स्पोर्ट्स ट्रैक, डे-केयर फैकल्टी, ऑडिटोरियम, सोलर पैनल, रेन वाट हार्वेटिंग सिस्टम, ऊष्मायन केंद्र (इनक्रूबेशन सेंटर) सहित विद्यार्थियों के लिए अन्य संकाय सुविधाएं होनी चाहिए।
यह कॉलेज बने आदर्श संस्कृति
यमुनानगर से जीसी छछरौली, प्रदेश से जीसी अंबाला छावनी, भिवानी से चरखी-दादरी, फरीदाबाद, टोहाना, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र का जीसी बहरेन, पानीपत देशबंधु गुप्ता जीसी, नारनौल, नूहं से जीसी थरूर, पलवल, पंचकूला सेक्टर-1, जीसी रेवाडी, एनआरएस जीसी रोहतक, जीएनसी सिरसा, जीसी खरखौदा सोनीपत का चयन किया गया है।

आदर्श संस्कृति का दर्जा मिलने से कॉलेज में आधुनिक लैब सहित कई प्रकार की सुविधाओं का विकास होगा, जिसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। महाविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रयोगशालाएं व कोर्स की संख्या भी बढ़ेगी। कोर्स के लिए विद्यार्थियों को निजी व दूसरे शहर के कॉलेज में नहीं जाना पड़ेगा। इससे शिक्षा गुणवत्ता का स्तर बढ़ेगा।
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-डॉ. सुमन भाटिया, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी।
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