संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की 37 दिन से चल रही हड़ताल शुक्रवार देर शाम खत्म हो गई। सरकार की ओर से कर्मचारियों की ज्यादातर मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। घोषणा होते ही धरनास्थल पर कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारियों ने शनिवार से काम पर लौटने की बात कही है।
कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा करते हुए इसे संगठन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। यदि भविष्य में मांगों को लटकाने या वादाखिलाफी का प्रयास किया गया तो कर्मचारी इससे भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसे सरकार हमेशा याद रखेगी। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। तीन-तीन दिन आगे बढ़ाते हुए हड़ताल 37 दिन तक चली, जिससे शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर लग गए। इस दौरान निगम की ओर से कराए जा रहे कूड़ा उठान का हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने कई बार विरोध किया। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी के कर्मचारियों के साथ भी कई बार टकराव की स्थिति बनी।
इससे पहले नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर नगर निगम कार्यालय परिसर में जिला स्तरीय जन न्याय पंचायत आयोजित की गई। इसमें श्रमिक, किसान, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन भी किया।
नगरपालिका शाखा प्रधान पपला, अग्निशमन जिला प्रधान विजेंद्र सिंह, नगरपालिका शाखा सचिव सुभाष और अग्निशमन कोषाध्यक्ष ललित कुमार ने कहा कि सफाई और सीवर कार्यों से ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
पंचायत में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से महिपाल सौदे व सतीश कुमार, अखिल भारतीय किसान सभा से प्यारे लाल, महिपाल चमरौड़ी व यशपाल, सीटू से सरबत्ती, सतपाल सैनी व सुनीता सुघ तथा रिटायर्ड कर्मचारी संघ से जोत सिंह व सोमनाथ पहुंचे।
इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रमन त्यागी, कांग्रेस शहरी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, आम आदमी पार्टी से राहुल भान, इनेलो से हरिनारायण शर्मा, जजपा से डॉ. जरनैल सिंह, भीम आर्मी से प्रदीप गौतम सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों को समर्थन दिया।