संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक ही परमिट पर शराब की दो बार अवैध सप्लाई करने के मामले में एसआईटी ने एनवी फैक्ट्री के जीएम अकाउंटेंट उमेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी ने उसे कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। हालांकि उमेश शर्मा ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन उसने बाद में याचिका वापस ले ली थी।
सीआईए-वन की टीम ने 21 जून की शाम सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे पर पिरथी का माजरा के पास शराब से भरे ट्रक को पकड़ा था। शराब की यह पेटियां एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड अंबाला से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी।
जब शराब की पेटियों के बार कोड को ट्रैक व ट्रेस किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काॅच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टॉक इन दिखा रही हैं, जबकि इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक गया थे। क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है।
इस मामले में थाना छप्पर में केस दर्ज हुआ। जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अब तक दो ठेकेदार ब्रजपाल राणा, रिंकू सिंह, ट्रक चालक रामअवतार सिंह, गोदाम के मुंशी सुशील कुमार व फैक्ट्री के सेल्स मैनेजर मनोज महाजन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच में लगभग दो करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी की चोरी सामने आई है। इस मामले में उमेश शर्मा की गिरफ्तारी हुई है। एसपी गंगाराम पूनिया ने उमेश शर्मा की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी को कोर्ट से रिमांड पर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।