यमुनानगर के बूड़िया थाना क्षेत्र में सात साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज घटना का खुलासा वीरवार सुबह हुआ है। हत्या का आरोपी पड़ोसी ही निकाला। बच्ची की उसके टी-शर्ट से गला दबाकर हत्या की गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसकी निशानदेही पर बच्ची का शव अर्द्धनग्न अवस्था में बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने दुष्कर्म की बात कबूल कर ली है।
बूड़िया थाना प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी नरेश को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जांच के दौरान दुष्कर्म की धारा बढ़ाई जाएगी।
थाना बूड़िया क्षेत्र में लेबर क्वार्टर में बिहार एक मजदूर परिवार रहता है। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे उनकी सात साल की बेटी पड़ोस में ही रहने वाली दूसरी बच्ची के साथ पास के गुरुद्वारे में गई थी। जहां से एक बच्ची तो लौट आई। लेकिन, एक बच्ची वापस नहीं आई।
परिजनों ने बच्ची से पूछा तो उसने बताया कि एक अंकल अमरूद देने की बात कहकर उसे अपने साथ जंगल में ले गए हैं। इसके बाद परिजनों ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी। साथ ही पुलिस को भी इसकी शिकायत दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
एसओ बूड़िया जसबीर सिंह ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए बुधवार को सर्च ऑपरेशन चलाया गया। डॉग स्क्वायड की मदद से तलाश की गई। गुरुद्वारे के सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध युवक बच्ची के साथ दिखाई दिया। पुलिस ने आरोपी बिहार के जिला मोतीहारी के रहने वाले नरेश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पहले तो वह पुलिस का इधर-उधर की कहानी बताने लगा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और हत्या करने की बात कबूल की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पास के ही जंगल से मासूम का शव बरामद कर लिया है। बच्ची के साथ रेप की भी आशंका जताई जा रही है।
बच्ची का शव बरामद हो गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। केस दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
- गंगाराम पूनिया, एसपी, यमुनानगर।
बहुत शातिर है आरोपी, करता रहा पुलिस को गुमराह
यमुनानगर के बूड़िया थाना के एक रिहायशी इलाके से सात की बच्ची को अगवा करने के बाद हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी नरेश काफी शातिर है। वह पुलिस को कई घंटे तक गुमराह करता रहा। लेकिन, बाद में जब पुलिस ने सख्ती की तो उसने हत्या की बात कबूल ली।
बूड़िया थाना प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि शक के आधार आरोपी नरेश को हिरासत में लिया था। आरोपी नरेश ने अपने साथ काम करने वाले दूसरे व्यक्ति का नाम बता दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन उसने घटना की जानकारी होने से इन्कार कर दिया। इसके बाद आरोपी नरेश ने बताया कि उसने बच्ची को एक कमरे में बंद कर रखा है।
इसके बाद पुलिस उसे लेकर जंगल में एक ट्यूबवेल पर बने मकान में ले गई। वहां भी कुछ नहीं मिला। जब वह अलग-अलग कहानी सुनाने लगा तो पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। जिससे वह टूट गया और हत्या करने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसी की निशानदेही पर जंगल से शव बरामद कर लिया।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्ची से दुष्कर्म से के मामले का खुलासा हो सकेगा। उधर बच्ची की हत्या के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से उन्हें पता चला था कि बच्ची को जंगल में लेकर गया था। तब से ही वह 15-20 लोगों की टीम बनाकर जंगल की खाक छान रहे थे।
आरोपी को देखकर दूसरी बच्ची बोली, ये अंकल ले गया था
मासूम बच्ची के अपहरण के बाद हत्या के खुलासे की सबसे अहम कड़ी मृतका के साथ गई पास में ही रहने वाली दूसरी बच्ची रही। बच्ची पड़ोस में रहने वाली दूसरी बच्ची के साथ गुरुद्वारे में गई थी। परिजनों का कहना है कि इसके बाद बच्ची को पड़ोस में ही रहने वाला एक व्यक्ति अपने साथ अमरूद देने के बहाने ले गया था। बच्ची तो उसके साथ चली गई। दूसरी घर लौट आई। अब घर वालों ने पूछा तो उसने बताया उसे एक अंकल ले गए हैं।
अनहोनी की आशंका के चलते परिजन तुरंत ही उसकी तलाश में निकल गए। जैसे ही वह गुरुद्वारे के पास पहुंचे तो जंगल की ओर से आरोपी आता दिखाई दिया। उसने बताया कि ये अंकल लेकर गए थे। इसके बाद गुरुद्वारे के सीसीटीवी देखे तो आरोपी युवक ही बच्ची के साथ दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
बिहार जाने की तैयारी कर रहा था परिवार
मासूम बच्ची की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बच्ची की मां और भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि वह बिहार जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहां पर छोटे बेटे का मुंडन होना था। परिवार पांच पहले ही यहां रहने आया था। बिहार में भी परिवार वाले इंतजार कर रहे थे। बच्ची की मां ने बताया कि उनके पांच बच्चे हैं। मृतक तीसरे नंबर की थी। उससे छोटा एक बेटा है। बेटे का अभी मुंडन नहीं हुआ है। 10 तारीख को बच्चे के मुंडन के लिए बिहार जाना था। इसके लिए टिकट भी करा ली थी। परिवार में तैयारी चल रही थी, लेकिन हादसे के बाद सभी तैयारी धरी रह गई। मां ने बताया कि बुधवार को अपनी सहेली के साथ गुरुद्वारे में गई थी, जहां से उसे अगवा कर लिया। वह मां को बिना बताए कहीं नहीं जाती थी। बुधवार को भी वह बताकर ही गई थी। मां ने रोते हुए बताया कि उन्हें क्या पता था कि आज वह वापस नहीं आएगी। यदि पता होता तो वह अपनी बच्ची को इस तरह से नहीं भेजती।