साढौरा। तीन दिन के अंदर किरायेदार का पुलिस सत्यापन न करवाने पर प्रॉपर्टी मालिक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएचओ प्रमोद कुमार ने बताया कि सुरक्षा कारणों से किरायेदार का सत्यापन कानूनी रूप से अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि सत्यापन यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि किरायेदार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। यह संपत्ति के मालिक और आस पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों, दोनों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यदि किरायेदार किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होता है, तो मकान मालिक कानूनी परेशानी में पड़ सकता है।
पुलिस वेरिफिकेशन यह साबित करता है कि मकान मालिक ने अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरती थी, जिससे उसे कानूनी सुरक्षा मिलती है। किरायेदार की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज होती है, इसलिए वे किसी भी अवैध या आपराधिक गतिविधि को करने से बचते हैं। इससे अपराधों को ट्रैक करना और अपराधियों तक पहुंचना भी आसान हो जाता है। संवाद