जठलाना क्षेत्र के गांव एमटी करेहड़ा खनन जोन में पोक्लेन का पंजा लगने से हुई संधाला गांव निवासी 23 वर्षीय गौरव की मौत के मामले में सोमवार को 12 गांवों के सरपंचों समेत सैकड़ों ग्रामीण परिजनों के साथ सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घाट का ठेका लेने वाली एजेंसी के मालिक व पोक्लेन चालक पर हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार करने को लेकर जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत बदलकर घाट का ठेका लेने वाली एजेंसी के मालिक रिंकू बागा, विकास व पोक्लेन चालक पर केवल लापरवाही का केस दर्ज किया है। जबकि उनके बेटे गौरव की पोक्लेन का पंजा मारकर हत्या कर उसे रेत में दबा दिया था। उन्होंने खुद ही उसे अस्पताल पहुंचाया था, जहां उसे मृत बताया गया था। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि जब तक आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे गौरव का शव नहीं उठाएंगे। दोपहर 12 बजे तक ग्रामीण हंगामा करते रहे। इस दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर कवलजीत सिंह, डीएसपी रादौर गुरमेल सिंह, कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। बाद में मेयर मदन चौहान ने उन्हें समझाया। मेयर चौहान ने पहले परिजनों से बातचीत की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई के बारे में जाना और उन्हें आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद मेयर चौहान ने ग्रामीणों का समझाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही है। जल्द आरोपी गिरफ्तार होंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण साफ हो जाएंगे। हत्या की पुष्टि होने पर केस में हत्या की धारा जोड़ दी जाएगी। मेयर मदन चौहान के इस आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और इसके बाद उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम पांच बजे से रखे शव को लगभग 20 घंटे बाद उठाया। दोपहर बाद संधाला गांव में मृतक गौरव का अंतिम संस्कार किया गया।
सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे से ग्रामीण सिविल अस्पताल में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। रादौर व जठलाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सिविल अस्पताल पहुंचे और तिरपाल बिछाकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने करीब साढ़े 12 बजे तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर कंवलजीत सिंह, रादौर डीएसपी गुरमेल, सरपंच एसोसिएशन रादौर ब्लॉक के पदाधिकारी, विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड हरियाणा के सदस्य ओमपाल, अखिल भारतीय पाल महासभा के अध्यक्ष नरसिंह पाल, शिव कुमार संधाला, भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर आदि ने समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नहीं माने।
संधाला गांव के सरपंच सतीश कुमार ने बताया कि उनका चचेरा भाई गौरव एमटी करेहड़ा खनन जोन के खनन घाट नंबर 13 बी पर कार्यरत था। रोज की तरह शनिवार को वह काम पर गया था। जहां गौरव को पोक्लेन के पास काम करने के लिए भेज दिया। जबकि उसे पोक्लेन के पास काम करने की कोई जानकारी नहीं थी। उसे जानबूझ कर पोकलाइन के पास काम पर लगाया गया। आरोप है कि घाट का ठेका लेने वाले एजेंसी के मालिक रिंकू बागा, विकास व पोक्लेन चालक ने गौरव को जानबूझकर रेत भरने वाला बोकेट (मशीन का पंजा) मारा। जिससे वह नीचे गिर गया। इसके बाद उसके ऊपर मिट्टी डालकर दबा दिया गया। एक घंटे तक वह घायल अवस्था में वहीं दबा रहा। आरोप है कि इसकी सूचना उन्हें न तो घाट के मालिकों ने दी और न ही आरोपी पोक्लेन चालक ने दी। गांव के ही सोहन लाल ने उन्हें इसके बारे में जानकारी दी। जिसके बाद वह, उसके पिता जोगिंदर, रमेश व अन्य के साथ घाट पर पहुंचा। जहां उन्होंने गौरव को मिट्टी से निकालकर अस्पताल में पहुंचाया। यहां पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने मृतक के अनपढ़ पिता जोगिंदर का अंगूठा लगवाकर मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। उनका आरोप है कि घाट एजेंसी मालिकों व पोक्लेन चालक ने गौरव की हत्या की है। पुलिस मामले में खनन घाट मालिकों व पोक्लेन चालक पर हत्या का केस दर्ज करे।
डीएसपी रादौर गुरमेल सिंह का कहना है कि मामले में मृतक गौरव के पिता जोगिंदर के बयानों पर पोक्लेन चालक रिंकू बागा व विकास पर आईपीसी की धारा 304 ए व 34 के तहत गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया हुआ है। अब परिजन उसकी हत्या की आशंका जता रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में हत्या का मामला आया तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही है।