संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में रविवार को कचरे का उठान न होने से आमजन की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। लगभग दो माह से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह हैं। अब निवर्तमान पार्षदों की ओर से ही निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में गलियों-सड़कों पर दिनभर कचरा होना बीमारी को दावत देने जैसा है।
नियमानुसार नगर निगम की ओर से नियमित रूप से कचरा उठान की व्यवस्था की गई है, लेकिन लोगों की शिकायतों के बाद जब बीते दो रविवार (30 जून व सात जुलाई) को संवाददाता ने हालात का जायजा लिया तो सड़कों पर हर तरफ कूड़े के ढेर मिले। दोनों दिन पॉश क्षेत्र से रिहायशी कॉलोनियों की गलियों-सड़कों पर कचरा सुबह से शाम तक नहीं उठा।शहर के बीच नेहरू पार्क रोड पर दोनों दिनों में जगह-जगह कचरे के ढेर दिखे, जबकि पास में ही एमएलए व एसपी निवास है। ऐसे ही शास्त्री कॉलोनी में केशव पार्क, तेजली गांव व अन्य जगह दिनभर कचरा पड़ा रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि रविवार के दिनों में यह कचरा नहीं उठता।
निवर्तमान पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह ने कहा कि बारिश के दिनों में जलभराव के साथ मच्छर जनित और संक्रमित रोगों की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में शहर की नियमित सफाई जरूरी है, क्योंकि इस मौसम में मक्खी-मच्छर से संक्रमण व रोग फैलते हैं। उन्होंने रविवार को भी सार्वजनिक स्थानों से कचरा उठान करने और वहां चूना गिराने की मांग उठाई है।
सफाई कर्मियों की कर्मी आ रही आड़े
सफाई कर्मियों की कमी भी आ रही आड़े मौजूदा समय में निगम क्षेत्र में छह लाख की जनसंख्या पर तीन हजार सफाई कर्मियों की मांग हैं, पर करीब 750 के सहारे काम चलाया जा रहा है। इस तरह कम कर्मचारियों में निगम अफसर चाहकर भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पाते हैं। यह मुद्दा नगर निगम की सदन बैठकों में कई बार आ चुका है, बावजूद इसके सफाई कर्मियों की कमी पूरी नहीं हो पाई। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था के साथ स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी पड़ रहा है, जो बीते वर्ष से 51 पायदान नीचे गिरकर 221 पर आ गई है।
ऐसा नहीं है सफाई व कचरा उठान कार्य नियमित नहीं हो रहा है। अगर किसी प्वाइंट पर कचरा उठान नहीं हो रहा तो इस बारे पता कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। - हरजीत सिंह, सीएसआई, नगर निगम।
संबंधित अफसरों को नियमित रूप से कचरा उठान कराने के निर्देश देंगे। अगर कहीं कचरा उठान नहीं होता है शहरवासी इस बारे में नगर निगम को शिकायत दे सकते हैं। इस पर तुरंत कचरा उठान कराया जाता है। साथ ही जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।