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Yamuna Nagar News: कचरे से बिगड़ सकती है स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग

Tue, 28 Jan 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इसके लिए शहर में केंद्रीय टीम फरवरी में आएगी। इससे पहले नगर निगम अफसरों सर्वेक्षण संबंधी दस्तावेज देने हैं। इसमें एक बिंदु खुले में कचरा गिरने से रोकना भी है। हालांकि निगम अफसर खुले में कचरा गिराने के प्वाइंट खत्म करने का दम भर रहे हैं, पर अभी भी शहर में कई कचरा डंपिंग प्वाइंट नजर आ रहे हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में शहर की स्वच्छ रैंकिंग राष्ट्र स्तर पर 170 रही, पर स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में यह 51 पायदान नीचे गिरकर शहर 221वें रैंक पर आ गई। करोड़ों खर्च और खूब प्रयास के बावजूद भी रैंकिंग बिगड़ने पर नगर निगम व अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इस पर नगर निगम अफसरों ने दोबारा रैंकिंग सुधार के लिए शहर की स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च करने के साथ कई प्रयोग किए हैं।
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इनमें एक खुले में कचरा गिराने के प्वाइंट खत्म करने का प्रयास है। इन प्वाइंट पर कागजों में तो कचरा गिरना बंद दिखा दिया गया है, पर धरातल पर अभी भी काफी प्वाइंट पर खुले में कचरा गिर रहा है। नगर निगम यमुनानगर व जगाधरी कार्यालयों के दो किलोमीटर दायरे में ही कई प्वाइंट पर खुले में कचरा गिर रहा है। इस पर पूर्व व निवर्तमान पार्षदों सहित शहरियों को दोबारा शहर की स्वच्छ रैंकिंग बिगड़ने की आशंका है।
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रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि खुले में कचरा डंप होने की एक वजह डोर टू डोर कचरा उठान नियमित न होना है। वार्डों में कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में घरों-दुकानों से कचरा उठान करने के लिए वाहन रोज न आकर कई दिन बाद आते हैं। ऐसे में घरों-दुकानों में इकट्ठा किया कचरा लोग खुले में गिराने पर मजबूर हैं। इससे शहर की स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में रैंकिंग दोबारा बिगड़ सकती है।
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