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Yamuna Nagar News: गणपति विसर्जन कल, कीचड़ और गंदगी के बीच घाटों तक पहुंचेंगे श्रद्धालु

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बाड़ी माजरा के पास प​श्चिमी यमुना नहर के किनारे लगे कचरे के ढेर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन में अब एक दिन ही बाकी है, लेकिन शहर और आसपास के प्रमुख घाटों पर तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पश्चिमी यमुना नहर के बूड़िया, बाडी माजरा और हमीदा घाटों पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद कई जगह घाट तक पहुंचने वाले रास्ते उबड़-खाबड़ हैं, कीचड़ व गंदगी फैली है और रात के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को विसर्जन से पहले सफाई, प्रकाश, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम पूरे करने चाहिए। उनका कहना है कि हर साल विसर्जन से पहले नगर निगम और सिंचाई विभाग की ओर से घाटों की सफाई और रास्तों को समतल कराया जाता था, लेकिन इस बार अभी तक व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुई हैं।
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शुक्रवार को विसर्जन के लिए घाट तक पहुंचने की राह भी श्रद्धालुओं के लिए आसान नहीं है। चिट्टा मंदिर से बाडी माजरा पुल और हमीदा हेड तक नहर की पटरी पर कई जगह रास्ता उबड़-खाबड़ और कीचड़ से भरा है। नहर किनारे कचरे के ढेर और घास-झाड़ भी दिखाई दे रहे हैं। इन हालात पर संबंधित विभागों के अफसरों का ध्यान नहीं है। इसका खामियाजा गणपति विसर्जन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ेगा।
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बाडी माजरा में कच्चे घाट पर रहती है भीड़
बाडी माजरा पुल के पास बने कच्चे घाट पर हर वर्ष हजारों श्रद्धालु गणेश विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। लोगों के अनुसार, घाट के आसपास गंदगी पड़ी रहती है। वहीं, रात को रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को विसर्जन से पहले घाटों की सफाई कराने के साथ प्रकाश, सुरक्षा और आवाजाही के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। पिछले वर्ष छठ पर्व के एक दिन बाद बाडी माजरा का पुल नीचे से क्षतिग्रस्त होकर ढह गया था। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बाद में विभाग ने इस रास्ते को बंद कर दिया था।
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पक्का घाट बनाने की मांग
आजाद नगर निवासी विनय, दीपक, आशु, रविंद्र, अश्विनी, राजेश, रिंकू और गगन ने बताया कि आजाद नगर के पास पश्चिमी यमुना नहर में भी लोग गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने पहुंचते हैं। यहां पक्का घाट नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को जोखिम उठाकर नहर तक जाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष छठ पूजा के दौरान एक युवक की मौत भी हो चुकी है। लोगों ने प्रशासन से गणेश विसर्जन और छठ पूजा के लिए स्थायी पक्के घाट बनाने, सफाई, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल लाखों लोगों की भीड़ जुटती है, ऐसे में प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले से सभी व्यवस्थाएं पूरी करनी चाहिए।
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गणपति प्रतिमा के विसर्जन के कार्यक्रम के लिए नगर निगम पूरी तरह अलर्ट है। अधिकारियों ने घाटों का दौरा किया है। घाटों पर सफाई करवाकर उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा। वहीं, अन्य सुविधा भी उपलब्ध करवा दी जाएंगी। - सुमन बहमनी, महापौर।

बाड़ी माजरा के पास पश्चिमी यमुना नहर के किनारे लगे कचरे के ढेर। संवाद

बाड़ी माजरा के पास पश्चिमी यमुना नहर के किनारे लगे कचरे के ढेर। संवाद

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