माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। गणेश चतुर्थी पर शुक्रवार को बाजारों में काफी रौनक दिखाई दी। पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से गणेश महोत्सव पर रोक लगा दी गई थी। इस बार कोरोना नियमों पर लोगों की आस्था भारी दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में लोग बाजार में गणपति बप्पा की मूर्ति लेने पहुंचे। लोगों ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर जयकारों के साथ अपने घरों में गणपति की मूर्ति को विराजमान किया।
भगवान गणेश की पूजन करने के लिए दुबड़ा घास, गन्ना, नारियल और बूंदी के लड्डू चाहिए होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन चीजों का भोग लगाने से भगवान गणेश अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों को अपना आशीर्वाद देते है। गणेश चतुर्थी पर लोगों ने गणपति बप्पा की मूर्ति को घर लाकर विराजमान किया। पंडित ललित शर्मा ने बताया कि इस बार गणपति महोत्सव 9 दिन मनाया जाएगा। 19 सितंबर को मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
वहीं, लाइक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा चौथी से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने गणेश वंदना व आरती क। विद्यार्थियों व अध्यापकों में प्रसाद वितरित किया गया। स्कूल प्रबंधक मंजू रानी ने कहा कि यह त्योहार गणेश के जन्मदिन के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को बुद्धि समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है। गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय माना जाता है। कोई भी शुभ कार्य करते समय सबसे पहले भगवान गणेश का नाम लिया जाता है। विद्यार्थियों ने भगवान गणेश की वंदना करते हुए बुद्ध समृद्धि विज्ञान का वरदान मांगा।
वहीं, गणपति के दीवाने क्लब की ओर से 10 से 19 सितंबर तक 13वां गणेश उत्सव व मूर्ति स्थापना कार्यक्रम का आयोजन ब्राह्मण धर्मशाला में किया जा रहा है। उत्सव में सुबह 7 बजे आरती का आयोजन होगा। वहीं रात के समय 7 बजे आरती का आयोजन होगा। प्रधान विशु गुप्ता ने बताया कि गणेश उत्सव की समाप्ति पर 20 सितंबर को गणपति विसर्जन को लेकर शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। जिसके उपरांत पक्के घाट पर गणपति का विसर्जन किया जाएगा।