संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए जिला मलेरिया विभाग ने 507 तालाबों में गंबूजिया मछली डाल दी है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला ने बताया कि डेंगू मच्छर के लार्वा की पहचान और रोकथाम के लिए डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसके लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई, जो अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर घर-घर जांच कर रही हैं। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना सर्वे की रिपोर्ट तैयार करें।
सर्वे के दौरान टीमें न केवल बुखार के मरीजों की जानकारी जुटा रही हैं, बल्कि घरों में ऐसे स्थानों की भी जांच कर रही हैं जहां पानी जमा हो सकता है। कूलर, टंकी, गमले, पुराने टायर और खाली पड़े बर्तनों को चेक किया जा रहा है, क्योंकि इन्हीं जगहों पर मच्छर पनपता है।
इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेट भी बांटे जा रहे हैं, जिनमें डेंगू से बचाव के उपाय बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पिछले साल जिले में डेंगू के 103 और मलेरिया के तीन मामले सामने आए थे। इस वर्ष अभी तक डेंगू या मलेरिया का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है। इसके बावजूद विभाग किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता है।
जिले में ये हैं डेंगू फैलने के जोखिम वाले इलाके
डेंगू फैलने के जोखिम वाले क्षेत्रों में गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली, रापौली सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-17 व 18, काली मंदिर, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, नजदीक आईटीआई, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर व अशोक विकार शामिल हैं।