प्रतापनगर। हिमाचल की शिवालिक की पहाड़ियों से सटा हरियाणा का खूबसूरत कलेसर नेशनल पार्क में इन दिनों गजराज की काफी मूवमेंट देखने को मिल रही है। गजराज तीन ग्रुपों में देखे जा सकते हैं। दो ग्रुपों में तीन-तीन और एक ग्रुप में सात हाथी हैं। ये हाथी साथ लगते उत्तराखंड के राजाजी पार्क से आकर कलेसर के जंगल के पानी पीकर प्यास बुझा रहे हैं।
दरअसल वन्य जीव प्राणी विभाग की तरफ से जब से 1100 मीटर पाइपलाइन डालकर टबों में पानी छोड़ा गया है, तब से वन्य प्राणियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े हौद बनाए गए हैं। कलेसर नेशनल पार्क में बड़ी संख्या में रैनी के पेड़ हैं। इस प्रकार के पेड़ हाथी को भोजन के लिए काफी पसंद है।
इसे हाथियों की संख्या में इजाफा होने का भी कारण माना जा रहा है। वाइल्ड लाइफ कलेसर के इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि बीते दिनों उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से हाथियों का एक झुंड कलेसर राष्ट्रीय पार्क में अठखेलियां करता दिखाई दिया था और अभी भी वह राष्ट्रीय पार्क की शोभा बढ़ा रहे है। यह पानी की व्यवस्था होने से जानवरों की संख्या में इजाफा हो रहा है। संवाद
राजाजी व सिंबावाडा जंगल नजदीक
कलेसर राष्ट्रीय पार्क उत्तराखंड के राजाजी और हिमाचल के सिंबावाड़ा जंगल के साथ जुड़ा है। ऐसे में उत्तराखंड और हिमाचल से जानवर भी कलेसर के पार्क में विचरण कर रहे हैं। जंगल में लगे कैमरों में हाथियों का झुंड, हिरण, चित्तल, सांभर समेत जानवर कैद भी हुए हैं। जंगल सफारी के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में सफारी के दौरान पर्यटक अपने कैमरे व मोबाइल में तेंदुआ, हाथी, चितल, जंगली सूअर, मोर, बंदर, खरगोश, अजगर, कोबरा जैसे जीव जंतु तथा सांभर को कैद कर रहे हैं। 11570 एकड़ में फैले इस जंगल के बीचोंबीच अप-डाउन 14 किमी का कच्चा रास्ता है।