संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की 80 कॉलोनियों के आगे लगा अवैध का टैग हटने वाला है। इसके लिए नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसे सरकार को भेजा गया है, जहां से मंजूरी के साथ कॉलोनियां वैध करने की अधिसूचना जारी होगी। ऐसा होने पर मूल जरूरतों के लिए तरस रही कॉलोनियों में विकास कार्य हो सकेंगे।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत वर्ष-2018 में 69 कॉलोनियां वैध की गईं। अन्य अवैध कॉलोनियां व क्षेत्र को वैध कराने के लिए नगर निगम ने अक्टूबर-2023 में एजेंसी से ड्रोन सर्वे सहित मार्किंग व जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) का काम कराया। इससे अवैध कॉलोनियां व क्षेत्र चिह्नित किए गए, जिसमें अप्रैल-2023 में 35 व अगस्त-2023 में 36 कॉलोनियां को वैध किया गया।
अन्य अवैध कॉलोनियों को भी वैध कराने के प्रयास जारी रहे, पर गत वर्ष के बीच तीन चुनाव आने से प्रक्रिया बार-बार लटकी। अब नगर निगम ने 80 अवैध कॉलोनियों को वैध कराने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सरकार को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि कुछ माह में यह कॉलोनियां वैध होंगी।
अवैध कॉलोनियां कई वर्षों पुरानी बसी हुई हैं, पर इनमें अधिकांश जगह गलियों, नालियों व सीवरेज जैसी मूलभूत जरूरतें अधूरी हैं। साथ ही अन्य जरूरी विकास कार्य भी नहीं हो पाए हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग गलियों, नालियों व सीवरेज की समस्याएं लेकर नगर निगम व जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के पास जाते हैं। क्षेत्र व कॉलोनियां अवैध होने के कारण अफसर चाहकर भी समाधान नहीं कर पाते हैं।
शहर की 80 अवैध कॉलोनियों को वैध कराने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार से मंजूरी मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्य कराए जा सकेंगे। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम यमुनानगर जगाधरी।