संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। नगली-32 गांव स्थित कब्रिस्तान में तीन वर्ष पहले वन विभाग की ओर विकसित किया फलदार बाग लापरवाही की भेंट चढ़ गया। भीषण गर्मी में समय पर सिंचाई न होने से आम, अमरूद, आड़ू और लीची के सैकड़ों पौधे सूख गए। बाग उजड़ने से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीण नानक, रमजान, ताहिर, सुबेदीन व अन्यों ने बताया कि वन विभाग ने करीब तीन वर्ष पहले इस भूमि पर लगभग 1,500 फलदार पौधे लगाए थे। इनमें से करीब 60 प्रतिशत पौधे पानी की कमी के कारण सूख चुके हैं। बाग में लगाए करीब 1,000 पौधे पूरी तरह सूखकर मर चुके हैं। कई पेड़ों पर फल भी आने शुरू हो गए थे। मई और जून की भीषण गर्मी में नियमित सिंचाई नहीं होने से बाग बर्बाद हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब पौधे सूखने लगे तो उन्होंने कई बार वन विभाग के चौकीदार से पानी देने की गुहार लगाई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि विभाग ने समय रहते पानी की उचित व्यवस्था की जाती तो आज बाग पूरी तरह हरा-भरा हो जाता। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
लापहवाही की जांच होगी
वन रेंज अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी से कुछ फलदार पौधे सूख गए हैं। पौधों पर मौसम का प्रभाव ज्यादा हुआ है। बरसात में सूखे पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे, ताकि बाग को दोबारा विकसित किया जा सके। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
सूखे पड़े आम के पेड़ को दिखाता ग्रामीण। पाठक