कुछ लोगों ने महिला की धोखे से शादी करवा दी। इसके बाद उससे यूके भेजने के नाम पर 20 लाख रुपये लेकर हड़प लिए। इसी बीच महिला का पता चला कि उसका पति पहले से शादीशुदा है। इसी बीच उसके बीमार पति की संदिग्ध रूप से मौत हो गई। जब उसने इस बारे में ससुराल पक्ष से बातचीत की तो उन्होंने उसे घर से निकाल दिया। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष के लोगों ने उससे 20 लाख रुपये लेकर हड़प लिए और अब उसके पति की मौत की पॉलिसी का क्लेम ले लिया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर उसकी सास, ससुर, ननद, ननदोई व चाचा ससुर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्जकर लिया है।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी गुरप्रीत कौर ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2019 में जठलाना निवासी गुरदेव से हुई थी। उसकी सास परमजीत कौर व ससुर सुरेंद्र ने शादी से पहले उसे बताया था कि गुरदेव अविवाहित है। उसके जेठ गुरदयाल यूके में रहते हैं। गुरदेव को भी वहीं भेजेंगे। जब तक वीजा नहीं लग जाए, तब तक इस शादी को गोपनीय रखा जाए। इसके लिए उसके मायके वालों से 20 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने ने अपनी मां की जायदाद गिरवी रख बैंक से दस लाख रुपये का लोन लिया और दस लाख रुपये नकद ससुरालियों को दिए। शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी सास परमजीत कौर ने कहा कि शादी में मामा ससुर तेजिंद्र को नहीं बुलाया गया था। इसलिए वह नाराज हैं। इसलिए उनके खाते में 50 हजार रुपये डाल दो। जिससे उनकी नाराजगी दूर हो जाए। सास व ननद के कहने पर उसने मामा ससुर के खाते में 45 हजार रुपये डाल दिए। इसके बाद बीती 20 जनवरी को बड़ा समारोह कर गुरप्रीत व गुरदेव की दोबारा शादी कराई। इसमें उसके मायके वालों ने दस तोले जेवरात व पांच लाख का अन्य सामान दिया। इसके बाद मामा ससुर की बेटी की शादी में जाने के लिए सास व ननद ने उसके गहने ले लिए।
गुरप्रीत कौर ने बताया कि जब वह मायके लौटी, तो उसके पति गुमशुम रहने लगे। उनसे बात की, तो वह यही कहते थे कि जायदाद के लालच में उसे मार देंगे। 22 फरवरी को वह ससुराल आ गई। इस बीच मार्च 2020 में पति कई दिन तक घर से बाहर रहा। इस बारे में ससुरालियों से बात की, तो उन्होंने टाल दिया। जिस पर उसे शक हुआ। उसे यही बताया जाता था कि परिवार से कोई बीमार है। काफी जोर देने पर ससुरालिए उसे निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां पता लगा कि रजनी नाम की लड़की का इलाज कराया जा रहा है। जब उसने शक होने पर अपने स्तर पर पता किया, तो जानकारी मिली कि रजनी से गुरदेव की शादी हो चुकी है। जब इस बारे में ससुराल वालों से पूछा, तो उन्होंने कहा कि दोनों का तलाक हो चुका है। जल्द ही उन्होंने तलाक के दस्तावेज दिखाने की बात कही थी। इस बीच 13 मार्च को उसे ससुराल वाले मायके छोड़ गए। करीब एक माह बाद ससुराल से फोन आया कि गुरदेव को कुछ हो गया है। उसे अस्पताल में दाखिल कराया है। जब वह वहां पहुंची, तो पति की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि ससुराल वालों ने मिलीभगत कर पति की पॉलिसी का क्लेम ले लिया और उससे धोखाधड़ी कर लगभग 20 लाख रुपये हड़पे हैं। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद उसकी सास परमजीत कौर, ससुर सुरेंद्र कुमार, ननद सिमरनजीत कौर, ननदोई आशीष व चाचा ससुर हरि सिंह पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।