यमुनानगर। बेटे को इंग्लैंड का वर्क वीजा दिलाने और रिश्तेदार को कनाडा का विजिटर वीजा दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये और दो अन्य लोगों से भी बच्चों को विदेश भेजने के नाम पर आठ लाख रुपये की धोखधड़ी की गई। छछरौली थाना पुलिस ने दिल्ली निवासी इमिग्रेशन एजेंट राजीव अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गांव मुस्बिल निवासी भरपूर सिंह ने शिकायत में बताया कि उन्होंने जून 2025 में अपनी बहन की बेटी के कनाडा के वीजा के लिए एजेंट को फाइल दी थी। इसके बाद अगस्त 2025 में बेटे गुरकीरत सिंह को इंग्लैंड भेजने के लिए भी उससे संपर्क किया। एजेंट ने दोनों कामों के नाम पर कुल 20 लाख रुपये ले लिए। लेकिन वीजा नहीं दिलाया। जनवरी 2026 में एजेंट ने बेटे के पासपोर्ट पर वीजा लगने की फोटो भेजी। जांच करने पर वीजा स्टीकर नकली मिला।
शिकायतकर्ता के अनुसार एजेंट ने पैसे लौटाने के लिए चेक दिए, लेकिन पहला चेक बाउंस हो गया। उसके दो दोस्तों मनोज कुमार और जोगिंद्र सिंह ने भी बच्चों को विदेश भेजने के लिए एजेंट को आठ लाख रुपये दिए थे। उनके साथ भी धोखाधड़ी हुई। छप्पर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवाद