संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/ रादौर। रादौर थाना पुलिस ने इंग्लैंड भेजने और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर 8.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। गांव बकाना निवासी बलविंद्र सिंह की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोपियों ने उसे जाली वर्क परमिट देकर रकम हड़प ली।
पुलिस को दी शिकायत में बलविंद्र सिंह ने बताया कि उसके बेटे तुषार सैनी को इंग्लैंड भेजने और वर्क परमिट दिलाने के लिए आरोपियों से बातचीत हुई थी। इसके बाद अलग-अलग समय पर ऑनलाइन माध्यम से कुल 8.30 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। बाकी एक लाख 70 हजार रुपये वर्क वीजा स्टैंड होने के बाद देने तय हुए थे।
शिकायत के अनुसार आरोपी आशीष कुमार ने 4 मई 2025 को एक वर्क परमिट भेजा था, जिसकी वैधता दो फरवरी 2026 तक बताई गई। बाद में बेटे ने बताया कि उस परमिट के आधार पर काम नहीं कर पा रहा है। जांच करने पर परमिट में शेयर कोड नहीं होने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में पता चला कि भेजा गया दस्तावेज वास्तविक वर्क परमिट न होकर आवेदन से संबंधित था।
बलविंद्र के अनुसार जब उसने आरोपियों से रकम वापस मांगी तो वे उसे लगातार आश्वासन देकर कार्यालय के चक्कर कटवाते रहे। आरोप है कि रुपये मांगने पर एक आरोपी ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस से रकम बरामद कराने और सुरक्षा देने की मांग की है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आशीष, संजना, सोहन लाल, और नीरज शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। रादौर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामले में बैंक डिटेल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।