संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में एक व्यक्ति के नाम पर फर्म बनाकर जीएसटी नंबर लेने और उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कारों के लोन कराने का मामला सामने आया है। थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने लोन की किस्तें नहीं चुकाईं, जिसके बाद बैंक की ओर से उस पर भुगतान करने का दबाव बनाया जाने लगा। मामले में करीब 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। भाटिया नगर निवासी सन्नी कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में संयम जैन, संदीप, पवन, सुनील दत्त उर्फ गुल्ल और सोनू बंसल पर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने उसके नाम पर फर्म बनाकर जीएसटी नंबर लिया। इसके बाद कथित तौर पर फर्म के नाम पर तीन से चार करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों से कारों के लिए लोन भी करवाए गए।
कारों के लोन की किस्तें जमा नहीं होने पर बैंक की ओर से उससे संपर्क कर भुगतान करने के लिए कहा जाने लगा। इससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उसने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। शिकायत में 30 लाख रुपये के इकरारनामे को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इकरारनामे में रूप चंद को मकान का विक्रेता बताते हुए वर्ष 2024 में मकान बेचने का उल्लेख किया गया है।
उपलब्ध मृत्यु प्रमाणपत्र के अनुसार, रूप चंद की मृत्यु 31 अक्तूबर 2007 को हो चुकी थी। इस अंतर के चलते इकरारनामे की प्रामाणिकता और दस्तावेज तैयार करने में शामिल लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है।
परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि लोन और किस्तों के संबंध में बात करने पर उसे धमकाया गया। आरोप है कि आरोपियों ने घर आकर परेशान करने और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले में दस्तावेजों के इस्तेमाल, कथित धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोपों की जांच की जा रही है।