संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एमडीएच मसाचे की डीलरशिप देने के नाम पर साइबर ठगों ने प्रतापनगर निवासी गौरव से 514870 रुपये ठग लिए। ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर गौरव को जाल में फंसाया। गौरव ने कंपनी की साइट से मिले कस्टमर केयर के नंबर पर संपर्क किया तो ठगी का पता चला। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रतापनगर निवासी कुमार गौरव ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने प्रतापनगर निवासी निखिल गुप्ता के साथ नया कारोबार करने का निर्णय लिया। इस बीच उन्होंने फेसबुक पर एमडीएच मसालों से संबंधित विज्ञापन देखा। जब उस पर दी गई वेबसाइट खोली तो उसमें डीलरशिप के आवेदन के लिए कहा गया था।
उसने 14 जनवरी को डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन कर दिया। इसके दो दिन बाद उनके पास अनजान नंबर से फोन आया। आरोपी ने साइट पर दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा। 23 जनवरी को फिर उसके पास फोन आया और उससे फीस के रूप में 39 हजार 800 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद उसके पास एक ईमेल आई। जिसमें प्रतिवर्ष के एग्रीमेंट की फीस 19 हजार 745 रुपये के हिसाब से पांच वर्ष की फीस अग्रिम जमा कराने के लिए कहा गया।
इस पर उन्होंने 98 हजार 725 रुपये जमा करा दिए। इसके बाद उनके पास एनओसी फीस व अन्य चार्ज के लिए दो लाख 83 हजार रुपये जमा कराने से संबंधित ईमेल आई। जिस पर उन्होंने वह रुपये भी बैंक में जमा करा दिए। जिस खाता में रुपये जमा कराए गए। वह भी महाशिया दी हट्टी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से थी। बाद में उनके पास फाइनल डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए 92 हजार 800 रुपये जमा कराने से संबंधित ईमेल आई। यह रुपये भी उन्होंने जमा करा दिए।
इसके बावजूद उनको डीलरशिप के लिए कोई प्रमाणपत्र नहीं मिला। उनके पास 29 जनवरी को फिर फोन आया और तीन लाख रुपये की मांग की गई। शक होने पर उन्होंने एमडीएच कंपनी की साइट से कस्टमर केयर नंबर लेकर इस बारे में बात की तो पता लगा कि इस तरह का कोई विज्ञापन कंपनी ने नहीं दिया गया। इस शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।