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Yamuna Nagar News: उद्योगपति से एक करोड़ 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी, प्राथमिकी दर्ज

Thu, 29 Jan 2026 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। प्लाईबोर्ड उद्योग से जुड़े ओबेरॉय वुड्स इंडस्ट्रीज के पार्टनर अनिल ओबराय ने मुंबई की एक कंटेनर सर्विस कंपनी और उसके संचालकों पर एक करोड़ 12 लाख की धोखाधड़ी, अमानत में रखे माल को फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरी कंपनी में ट्रांसफर करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया हैं। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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प्रोफेसर कॉलोनी निवासी अनिल ओबेरॉय पुलिस को दी शिकाबताया कि उनकी फर्म इंडस्ट्रियल एरिया यमुनानगर में स्थित है और वे प्लाईबोर्ड, शटरिंग प्लाई व कंटेनर फ्लोर बोर्ड का निर्माण व सप्लाई करते हैं। वर्ष 2019 में बेलापुर, नवी मुंबई (महाराष्ट्र) निवासी सुनील किशन खन्ना और उनकी पत्नी कौशल्या खन्ना, जो एमएस किशन मरीन सर्विस एलएलपी के पार्टनर ने उनसे संपर्क किया था। इस दौरान उनका बेटा जतिन खन्ना उर्फ जगदीश भी मौजूद था, जिसने खुद को बड़े स्तर का कंटेनर रिपेयर व्यवसायी बताते हुए पूरे भारत में कारोबार फैला होने का दावा किया।
कंटेनर फ्लोर बोर्ड खरीदने का दिया भरोसा : अनिल ओबेरॉय के नुसार, आरोपियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे कंटेनर फ्लोर बोर्ड की नियमित खरीद करेंगे और सप्लाई किए गए माल का भुगतान 90 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। इसी भरोसे के आधार पर वर्ष 2021 से शिकायतकर्ता ने आरोपियों को नियमित रूप से माल की आपूर्ति करनी शुरू कर दी।
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शुरुआती दौर में भुगतान समय पर होता रहा। कुछ समय बाद ही आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आखिरी बार 26 नवंबर 2022 को उन्होंने माल सप्लाई किया था, जिसका भुगतान 90 दिन में किया जाना था लेकिन पूरा भुगतान नहीं किया गया। लगातार मांग के बावजूद आरोपी कभी बहाने बनाते रहे तो कभी थोड़ी-थोड़ी रकम डालकर मामला टालते रहे। इस तरह धीरे-धीरे बकाया राशि बढ़कर एक 1 करोड़ 12 लाख 07 हजार 566 रुपये हो गई। फरवरी 2025 में जब शिकायतकर्ता ने एक बार फिर बकाया भुगतान की मांग की तो आरोपियों ने रकम के बदले माल वापस लेने का प्रस्ताव रखा। इस पर दोनों पक्षों में सहमति बनी कि जब तक शिकायतकर्ता अपनी फैक्टरी में जगह का इंतजाम नहीं कर लेते, तब तक माल आरोपियों के पास अमानत के तौर पर रखा रहेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, माल की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे लाने के लिए 8 से 9 ट्रकों की जरूरत पड़ती। संवाद
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