जगाधरी। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के चार स्कूलों को अपग्रेड किया गया हैं। इन स्कूलों के अपग्रेड होने से क्षेत्र के करीब 48 गांवों के सैंकड़ों विद्यार्थियों को लाभ होगा। निदेशालय ने हाल ही में प्रदेश के कुल 113 स्कूलों को उच्च से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बना दिया है। नए सत्र से इन स्कूलों में विद्यार्थियों को 12वीं तक की शिक्षा मिलेगी। वहीं स्कूल अपग्रेड करने के साथ निदेशालय ने इन स्कूलों में अध्यापकों की संख्या भी बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। अपग्रेड हुए 113 में से चार स्कूल यमुनानगर के हैं। अब इन क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना होगा।
क्षेत्र के लोग काफी समय से स्कूल अपग्रेड करने की मांग कर रहे थे। निदेशालय की ओर से इसके बारे पत्र जारी किया गया है। जिसमें शादीपुर, डारपुर, रसूलपुर और मंगलौर के उच्च विद्यालय को अब वरिष्ठ माध्यमिक बना दिया गया है। पहले विद्यार्थियों को हाईस्कूल के बाद पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्र में पढ़ने जाना पड़ता था। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को होती थी। अब उन्हें दूर नहीं जाना होगा। शिक्षा निदेशालय ने जगाधरी, बिलासपुर, छछरौली व साढौरा खंड के स्कूलों का विस्तार किया है। जिससे इन क्षेत्र के करीब 48 गांवों के विद्यार्थियों को लाभ होगा।
सरकारी स्कूल में बढ़ेगी विद्यार्थियों की संख्या
उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान ने बताया कि निदेशालय की ओर से जगाधरी खंड के राजकीय उच्च विद्यालय शादीपुर को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनाया गया है। वहीं छछरौली खंड के राजकीय उच्च विद्यालय डारपुर, साढौरा खंड के राजकीय उच्च विद्यालय रसूलपुर और बिलासपुर खंड के राजकीय उच्च विद्यालय मंगलौर को अपग्रेड कर 12वीं तक कर दिया गया है। यह चारों स्कूल गांव के हैं। अभी विद्यार्थियों को सीनियर सेकेंडरी की शिक्षा के लिए दूसरे गांव या कस्बे के स्कूल जाना पड़ता था। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को होती थी। इस दौरान कई छात्राएं दूर जाने के चलते पढ़ाई बीच में छोड़ देती थीं। परंतु अब उन्हें ऐसी परेशानी नहीं होगी। वहीं रसूलपुर, डारपुर व मंगलौर के करीब तीन दर्जन गांव के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। वहीं शादीपुर व अन्य गांवों के विद्यार्थियों को नाहरपुर, नागल, कैंप व अन्य दूर के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। शादीपुर, रायपुर, भगवानपुर, खजूरी जैसे करीब एक दर्जन गांव के विद्यार्थियों को पास में ही 12 वीं की शिक्षा मिलेगी। इसके साथ स्कूल अपग्रेड होने से यहां विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा होगा और खंड की साक्षरता दर में सुधार होगा।