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फाइनेंस पर लिए चार लाख के बदले दे चुका था 17 लाख, फाइनेंसरों से तंग आकर केयर टेकर ने सल्फास निगल किया सुसाइड

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ब्याज पर लिए चार लाख रुपये के बदले 17 लाख रुपये देने के बाद भी जब फाइनेंसरों ने व्यक्ति को धमकाना नहीं छोड़ा तो उसने आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्महत्या से पहले दो पेज के नोट में दो फाइनेंसरों की प्रताड़ना की पूरी दास्तां लिखी है। घटना जगाधरी की ग्रीन विहार कॉलोनी की है। कॉलोनी का 36 वर्षीय हेल्थ केयर टेकर मनोज जोशी ने दो फाइनेंसरों से दो-दो लाख रुपये लिए थे। लॉकडाउन में फाइनेंसर उसे ब्याज देने के लिए धमका रहे थे।
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ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी मनोज जोशी मरीजों के केयर टेकर का काम करता था। उसकी पत्नी स्टाफ नर्स है। मृतक की मां प्रेमलत्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके बेटे मनोज ने फाइनेंसर मनीष महेंद्रू और प्रेम साहनी से डेढ़ साल पहले ब्याज पर रुपये लिए थे। तब से वह उन्हें किस्त देता आ रहा है। उसने आरोपियों को 17 लाख रुपये दे दिए हैं। फिर भी वे दोनों ब्याज के रुपये मांग रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन होने से वह उन्हें ब्याज नहीं दे पाया। दोनों आरोपी उसे परेशान करने लगे। पैसे लेते समय उसके बेटे ने मनीष को सिक्योरिटी के लिए चेक दिए थे और साहनी ने मकान का बयाना लिखवाया था। अब आरोपी उसका मकान लेने की तैयारी कर रहे थे। इसी से परेशान उसका बेटा शनिवार को घर आया। उसने बताया कि मनीष महेंद्र और प्रेम साहनी उसे परेशान कर रहे हैं। इस वजह से उसने सल्फास निगल ली। तभी उसका बेटा जमीन पर गिर गया और वे उसे अस्पताल लेकर गए। जहां उसकी मौत हो गई।
यह लिखा सुसाइड नोट में
पहला पेज
मैं मनोज जोशी अपने होश और हवास में यह प्रमाण करता हूं कि मैं आज 29.8.2020 को आत्महत्या कर रहा हूं। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि मेरी आत्महत्या में मेरे परिवार के किसी भी सदस्य को तंग न किया जाए। मेरे माता-पिता-बहू-बच्चे इनका साथ दिया जाए। चूंकि मेरी मृत्यु का कारण जिसका नाम मनीष महेंद्रू है। इस बंदे ने मेरे अकाउंट में पेमेंट ट्रांसफर करके मुझे नौ लाख रुपये का कर्जादार बना दिया। इस एवज में आठ प्रतिशत के हिसाब से ब्याज लेता रहा। मुझे चैक लगाने के डर से इस शख्स ने मेरे मकान का ब्याना करवा लिया। जो कि पूर्णत: झूठ है। मैंने इस शख्स से सिर्फ दो लाख रुपये रुपये लिए थे। कृपया करके अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरे मकान को बचाया जाए। मेरे पिता जी हैंडिकैप हैं। कृपया मेरे परिवार का साथ दें।
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दूसरा पेज
एक और शख्स है जिसने मुझे आत्महत्या करने पर मजबूर किया है। उसका नाम प्रेम साहनी, फ्रोम हुड्डा सेक्टर-17 है। इसे मैंने आठ लाख रुपये ब्याज दे दिया है, लेकिन आज तक इसका दो लाख रुपये नहीं खत्म हो पा रहा था। इस शख्स को मैंने 15 प्रतिशत ब्याज दी है। इसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और मेरे परिवार को इंसाफ दिया जाए। अगर मेरी वाइफ का चैक किसी के पास है तो वो सिक्योरिटी बेस पर है। मेरी वाइफ ने किसी से भी कोई पैसा नहीं लिया है। कृप्या मेरी वाइफ का साथ दें। मेरे बाद घर को मेरी वाइफ को चला सकती है।
दो छोटे बच्चे व पत्नी रो रोकर मां रही थी इंसाफ
मनोज जोशी की मौत के बाद उसकी पत्नी व दो छोटे बच्चे पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे हुए विलाप कर रहे थे। मृतक की पत्नी बार बार विलाप करते हुए यही बोल रही थी कि मुझे इंसाफ चाहिए। रुपयों के लालच में आरोपियों ने उन्हें इतना उकसाया कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हो गए।
बुड़िया गेट चौकी इंचार्ज सतपाल सिंह ने बताया कि ग्रीन विहार कॉलोनी में सुसाइड की सूचना मिलने पर वह अस्पताल गए थे। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। पुलिस ने परिजनों के बयान व सुसाइड नोट के आधार पर दोनों फाइनेंसरों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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