जिला जेल में लोक अदालत के दौरान बंदियों से बात करती सीजेएम सुमित्रा कादियान। डीआईपीआरओ
जगाधरी। जिला जेल में नियमित जेल लोक अदालत के माध्यम से चार मामलों का आपसी सहमति से मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) सुमित्रा कादियान की अध्यक्षता में यह लोक अदालत लगाई गई थी। इस लोक अदालत का उद्देश्य बंदियों को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना रहा।
लोक अदालत में सुनवाई के लिए कुल चार मामले प्रस्तुत किए गए थे। पक्षकारों की सहमति और विधिक प्रक्रिया के तहत सभी मामलों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया गया। इससे संबंधित पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। सीजेएम सुमित्रा कादियान ने बताया कि जिला जेल में हर माह नियमित रूप से जेल लोक अदालत लगाई जाती है। इनमें ऐसे मामलों को शामिल किया जाता है, जिनका समाधान आपसी समझौते व लोक अदालत की प्रक्रिया से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालतें न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, त्वरित और जनसुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। लोक अदालत के बाद सीजेएम ने जेल परिसर का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी बंदी को कानूनी सहायता प्राप्त करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई बंदी आर्थिक रूप से निजी वकील नियुक्त करने में सक्षम नहीं है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उसे पैनल अधिवक्ता अथवा कानूनी सहायता बचाव वकील उपलब्ध करवाया जाएगा। प्राधिकरण का प्रयास है कि प्रत्येक जरूरतमंद बंदी को समय पर कानूनी सहायता मिले और उसे न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। संवाद