जगाधरी। जिले में निजी स्कूलों में दो तरीकों की किताबें लगाई जा रही हैं। स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों के साथ निजी प्रकाशकों की किताबें लगाई जा रही हैं। इसमें पांच एनसीईआरटी तो 15 पुस्तकें निजी प्रकाशकों की हैं।
स्कूलों की ओर से अभिभावकों को किताबों की जो सूची दी जा रही है, उसमें दोनों ही किताबों के नाम और दाम पहले ही लिखे हुए हैं।
वहीं, अभिभावकों को यह किताबें एक तयशुदा दुकानों से ही खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है। एनसीईआरटी की किताबें काफी सस्ती हैं, जबकि निजी प्रकाशकों की किताबें 20 गुना से भी ज्यादा महंगी है।
एक पब्लिक स्कूल की कक्षा चार की चार किताबों की बाइंडिंग सहित कुल कीमत 340 रुपये है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित और ईवीएस की किताबें हैं, जिनकी बाइंडिंग के बिना कुल कीमत मात्र 260 रुपये है और 20 रुपये प्रति किताब के अनुसार 80 रुपये बाइंडिंग के हैं।
यह सभी किताबें एनसीईआरटी की हैं और स्कूल में लगाई गई हैं। वहीं, इसके बाद स्कूल की ओर से विद्यार्थियों को निजी प्रकाशकों की अत्यंत महंगी किताबें लगाई गई हैं। स्कूल में एनसीईआरटी की कुल चार किताबें लगाई गई हैं, जबकि निजी प्रकाशकों की 15 किताबें लगाई गई हैं। इन 15 किताबों की कुल कीमत 6,000 रुपये से ज्यादा है। यही इतना नहीं स्कूलों में प्रयोग की जाने वाली नोटबुक भी अभिभावकों से एक साथ खरीदने को विवश किया जा रहा है। नोटबुक भी स्कूल की निर्धारित दुकान पर सामान्य दाम से महंगी मिलेगी। संवाद