संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट के अंदर 8469 करोड़ रुपये की लागत से 409.242 हेक्टेयर (1011.26 एकड़) भूमि पर स्थापित होने वाली नई 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट का निर्माण भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की किया जा रहा है। प्रथम चरण में फाउंडेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है।
अब पुरानी और स्थापित होने वाली नई यूनिट के बीच में जगह को विभाजित कर दीवार को बना दिया गया है। इस कार्य को करीब 70 से 80 कर्मचारी लगे हैं। नई अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट देखने में कैसी होगी इसकी साढ़े तीन हजार ड्राइंग भी बनाई गई है, उसी के, अनुसार ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। मार्च 2029 मेंबिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। कैल गांव से 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनिट का शिलान्यास किया था। नई यूनिट के निर्माण के लिए बीएचईएल ने बहरामपुर-कैत गांव के रकबे में अस्थाई गोदाम बनाया है। यहीं से सामग्री ट्रकों से अंदर पहुंचाई जा रही है। बता दें नई यूनिट लगने के बाद 17.49 लाख मीट्रिक टन ऐश (राख) उत्पादन भी होगा, जबकि मौजूदा समय में 600 मेगावाट की यूनिट से 12.61 लाख मीट्रिक टन राख का उत्पादन हो रहा है। वहीं राख को स्टोर करने के लिए लापरा गांव में दो बड़े तालाब बनाए जाने हैं। इनकी कुल क्षमता 43.62 लाख मीट्रिक टन होगी।
एक साथ होगा 1400 मेगावॉट बिजली का उत्पादन
दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट में मौजूदा समय में 300-300 की 600 मेगावाट की यूनिट स्थापित है। वहीं 800 मेगावाट की नई यूनिट लगने से एक साथ 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। नई इकाई प्रतिदिन 192 लाख यूनिट बिजली उत्पादन करेगी। बता दें अभी तक हरियाणा में वर्तमान में हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की वर्तमान क्षमता 2582 मेगावाट है, नई 800 मेगावाट यूनिट लगने से 3382 मेगावाट बिजली उत्पादन होगी, साथ ही हरियाणा की उत्पादन क्षमता चार गुना हो जाएगी।
बीएचईएल नई यूनिट के निर्माण का कार्य तेजी से कर रही है। बारिश की वजह से कुछ दिक्कत आ गई थी। 2029 में इस यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके लगने से प्रदेश को काफी लाभ होगा। -रमन सोबती, चीफ इंजीनियर, दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट यमुनानगर।