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पुलिस की वर्दी पहनकर अवैध वसूली करने वाले वन दरोगा को दो साल कैद

Wed, 15 Jul 2015 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
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पुलिस की वर्दी पहनकर रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली चालकों से अवैध वसूली करने के दोषी छछरौली वन दरोगा राकेश कुमार को फास्ट टै्रक कोर्ट ने दो साल कैद तथा चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। कोर्ट में करीब साढ़े तीन साल तक चली सुनवाई के दौरान दर्जन से ज्यादा लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने अपना फैसला सुना दिया।
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यह था मामला-
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 18 नवंबर 2011 को डीएसपी बिलासपुर अशोक कुमार पुलिस टीम के साथ छछरौली के त्रिकोणी मोड़ पर मौजूद थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि लेदी चौक पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहनकर रेत से भरी प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्राली चालकों से 300 रुपये की अवैध वसूली कर रहा है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना तहसीलदार छछरौली महेंद्र प्रताप को दी और उनसे लेदी चौक पर आने को कहा। साथ ही रेडिंग पार्टी ने एक बोगस ग्राहक तैयार किया और उसे रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली पर बिठाकर 300 रुपये दिए, जिन पर डीएसपी ने हस्ताक्षर किए हुए थे। पुलिस ने उसे लेदी चौक की ओर रवाना कर दिया। एसएचओ छछरौली कुलदीप को चौक के नजदीक एक दुकान में मौजूद रहने के लिए कहा गया। पुलिस के मुताबिक जब बोगस ग्राहक रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर लेदी चौक से गुजरा, तो उसे वहां पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने रोक लिया और 300 रुपये देने के लिए कहा। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्राली चालक ने उसे रुपये थमा दिए। पास की दुकान में मौजूद एसएचओ ने इस सारे दृश्य को देखा और तुरंत रेड मारकर उसे काबू कर लिया। पुलिस द्वारा पकड़े व्यक्ति की शिनाख्त छछरौली वन दरोगा फर्कपुर निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उसकी जेब से 2100 रुपये मिले। पुलिस ने उसके खिलाफ भादंसं की धारा 7/13 पीसी एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। इसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हुई।
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