संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। ऐतिहासिक श्री कपाल मोचन-श्री आदि बद्री मेला की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। मेला प्रशासक एवं उपमंडल अधिकारी जसपाल सिंह गिल ने बताया कि मेला एक से पांच नवंबर तक आयोजित होगा। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु श्री कपाल मोचन, ऋण मोचन एवं सूरजकुंड सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। बिजली विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं तथा सड़कों की मरम्मत व सफाई का कार्य अंतिम चरण में है।
उन्होंने बताया कि सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा गुमशुदा तलाश केंद्र एवं मीडिया सेंटर की स्थापना ऋणमोचन सरोवर के निकट की जाएगी। मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है, प्रत्येक सेक्टर में एक-एक सेक्टर सुपरवाइजर नियुक्त किया होगा। मेला क्षेत्र के बीचों बीच सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा एक सांस्कृतिक मंच स्थापित किया जाएगा, जहां प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन एवं गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। राजकीय कॉलेज में अस्थायी पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जिसका निरीक्षण मेला प्रशासक जसपाल सिंह गिल ने स्वयं किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मेला क्षेत्र में 11 स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग के लिए विशेष पास जारी किए गए हैं जिन पर हॉलमार्क चिन्ह लगाया गया है ताकि किसी प्रकार की डुप्लीकेसी न हो और सुरक्षा बनी रहे। मेला में ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को विभागीय पास गले में धारण करना अनिवार्य होगा ताकि श्रद्धालु आसानी से पहचान कर सहायता ले सकें।
जसपाल सिंह गिल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि वे यहां से सुखद अनुभव लेकर लौटें। मेले के आरंभ से पूर्व ही कपाल मोचन पहुंचना शुरू हो गए हैं। मेला प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यह ऐतिहासिक मेला श्रद्धा, सौहार्द एवं भक्ति का प्रतीक बने।
कपालमोचन मेले में पीढ़ी पसंद करती महिला। संवाद- फोटो : मृतक बैनामा लेखक राजाराम बघेल का फाइल फोटो