संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इस सीजन में अभी तक डेंगू के पांच केस मिले हैं। वहीं बारिश के बाद मच्छरों की बढ़ रही तादाद ने लोगों की नींद जरूर उड़ा दी है। वहीं जिले के मलेरिया विभाग ने मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए टीमें बनाई हैं, जो अलग-अलग एरिया में कार्य कर रही है। वहीं विभाग निगम की मदद से फॉगिंग कराएगा।
बारिश के दिनों में मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण यह है कि बारिश का पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। बारिश के मौसम में, मच्छर विशेष रूप से सक्रिय होते हैं और विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकते हैं, जैसे कि डेंगू, मलेरिया, और चिकनगुनिया।
जिले में पिछले एक सप्ताह से रूक-रूक कर बारिश हो रही है। ऐसे में कई जगहों पर पानी जमा हो गया है। जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ गई। इसलिए इस मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों में खासकर डेंगू होने का रिस्क काफी ज्यादा रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों के लिए मच्छरदानी का उपयोग सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीकों में से एक है।
यह मच्छरों को बच्चों के पास आने से रोकता है और उन्हें अच्छी नींद लेने में मदद करता है। बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जो उनके शरीर को पूरी तरह से ढकें, जैसे कि लंबी आस्तीन और लंबी पैंट। इसके अलावा अपने घर में मच्छर भगाने वाले पौधे लगाएं, जैसे कि तुलसी, नीम, और लेमनग्रास। ये पौधे मच्छरों को दूर रखने में मदद करते हैं।
बारिश के दिनों में मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, हमारी टीमें लगातार कार्य कर रही है। कर्मचारी घर-घर जाकर कूलर, गमलों, टायर, पानी की टंकी के अलावा अन्य सामान में लार्वा की तलाश कर रहे हैं। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया, यमुनानगर।