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धुंध से थमी रफ्तार: सड़कों पर रेंगे वाहन, कई ट्रेनें हुईं लेट तो तीन केंसिल

Wed, 07 Dec 2016 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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कोहरे में गुजरती ट्रेन
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बुधवार को सुबह से शाम तक जिले को घने कोहरे ने अपनी सफेद चादर में लपेटे रखा। घने कोहरे के बीच हाईवे समेत अन्य मार्गों पर वाहन लाइट ऑन कर रेंगते नजर आए। धुंध की सफेद चादर से सड़कों पर औसत महज 10 फुट तक की विजिबिल्टी रही वहीं, न्यूनतम तापमान गिरकर सात डिग्री पहुंच गया। घने कोहरे व सूरज के न निकलने पर सुबह नौकरीपेशा लोगों व स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को घर से निकलते वक्त सर्दी का सितम झेलना पड़ा। धुंध के चलते जहां सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा वहीं, यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट पहुंची। जबकि तीन गाड़ियों को रेलवे द्वारा रद कर दिया गया, जिससे रेल यात्रियों को भी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा।
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 बुधवार अल सुबह से ही घने कोहरे ने अपनी चादर बिछा ली। जो देर शाम बजे तक रही। सुबह छह बजे से सात बजे तक घने कोहरे से सड़कों पर मात्र दस फुट तक ही विजिबिल्टी रही। जिससे वाहनों चालकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सूर्योदय होने के बाद घने कोहरे का प्रभाव जरा-सा कम हुआ, जिससे सड़कों पर विजिबिल्टी में इजाफा हुआ। दोपहर करीब 10 बजे तक सड़कों पर पंद्रह से बीस फुट तक की विजिबिल्टी में वाहन लाइट ऑन कर रेंगते नजर आए। कई मुख्य मार्गों पर जाम जैसी भी स्थिति रही, जिस बीच वाहन चालकों को परेशानी हुई। धुंध के चलते रोजमर्रा के कार्यों पर जाने वाले लोगों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को अपने गंतव्यों पर पहुुंचने में सर्दी के सितम के बीच दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा।

सीजन का सबसे ठंडा दिन, 7 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान:
सर्दी के सीजन का बुधवार सबसे ठंडा दिन आंका गया। दिन का औसत न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहा, जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा। करीब 11 बजे सूरज आसमान में दिखाई दिया, लेकिन कुछ देर बाद ही धुंध की सफेद चादर में छिप गया। इसके बाद दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई। अन्य दिनों की अपेक्षा बुधवार को लोग पूरी तरह गर्म कपड़ों से लैस होकर काम पर निकलें वहीं, बाजारों में भी रौनक कम रही। ठंड के चलते दुपहिया वाहन चालक धीमी गति से वाहन चलाते नजर आए। स्कूल के लिए निकले बच्चे भी पूरी तरह गर्म कपड़ों से लैस दिखे। देर शाम को ठंडक और अधिक बढ़ गई। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहने का अनुमान है।
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धुंध में नहीं दिखी ट्रैफिक लाइट्स, यातायात व्यवस्था ठप:
बुधवार सुबह घनी धुंध का प्रभाव इतना अधिक था कि चौकों पर लगी ट्रैफिक लाइट भी वाहन चालकों को दिखाई नहीं दी। नेशनल हाईवे 73ए पर अग्रसेन चौक, मटका चौक और जगाधरी बस स्टैंड चौक, नेशनल हाईवे 73 के कमानी चौक, कन्हैया साहिब चौक व विश्वकर्मा चौक और रेलवे रोड पर स्थित शहीद भगत सिंह चौक, प्यारा चौक व मधु चौक पर ट्रैफिक लाइट नहीं दिखने से वाहन चालक यातायात नियमों का पालन किए बिना ही चलते नजर आए। धुंध की वजह से पूरी यातायात व्यवस्था ठप नजर आई और कई जगह जाम जैसी स्थिति भी बनी।

दर्जन से अधिक ट्रेनें लेट, तीन हुईं केंसिल:
सड़क के साथ घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। रेलवे की ओर से यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर रात साढ़े बारह बजे आने वाली 15211 (दरभंगा-अमृतसर) व रात साढ़े बारह बजे आने वाली 15212 (दरभंगा-अमृतसर) को 13 दिसंबर तक केंसिल कर दिया गया है। जबकि धुंध की वजह से देरी से चलने के कारण स्टेशन पर रात पौने बारह बजे आने वाली 12232 (चंडीगढ़-लखनऊ) को भी बुधवार को केंसिल कर दिया गया। इसके अलावा सुबह छह बजे आने वाली 15098 (जम्मू-भागलपुर) 22 घंटे, शाम साढ़े छह बजे आने वाली 14681 (दिल्ली-जालंधर) डेढ़ घंटे, शाम पौने पांच बजे आने वाली 12053 (हरिद्वार-अमृतसर) जनशताब्दी डेढ़ घंटे, रात दस बजे आने वाली 13151 (कलकता- जम्मू) पांच घंटे, दोपहर साढ़े 12 बजे आने वाली 15210 (अमृतसर-सहरसा) साढ़े सात घंटे, दिन में साढ़े ग्यारह बजे आने वाली 15209 (सहरसा-अमृतसर) साढ़े नौ घंटे, शाम साढ़े चार बजे आने वाली 14711 (हरिद्वार-गंगानगर) साढ़े पांच घंटे, दिन में साढ़े ग्यारह बजे आने वाली 14712 (हरिद्वार-गंगानगर) साढ़े छह घंटे, शाम साढ़े पांच बजे आने वाली 18104 (अमृतसर- टाटानगर) तीन घंटे लेट चलीं। इसके अलावा अन्य कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों लेट चल रही थीं।
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