यमुनानगर। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से इस बार होली से पहले खाद्य पदार्थों की जांच के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया। जिससे उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। विभाग ने दिवाली पर विभिन्न प्रतिष्ठानों से 48 सैंपल लिए गए थे।
जांच रिपोर्ट में इनमें से पांच सैंपल सब स्टैंडर्ड और असुरक्षित पाए गए। इनमें पनीर के दो, खोया का एक और खोया से बने पेड़े के दो नमूने शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार ये उत्पाद खाने योग्य नहीं थे। जिनके सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे उनका केस एडीसी की कोर्ट में चल रहा है। जहां पर सुनवाई के बाद विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया जाएगा। इससे पहले दिवाली से पूर्व 179 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 14 असुरिक्षत पाए गए थे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित चौहान के पास कुरुक्षेत्र के साथ यमुनानगर का अतिरिक्त कार्यभार है और यमुनानगर में उनके पास स्टाफ भी कम है। जिससे सैंपल लेने में परेशानी होती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि होली पर भी सैंपल लिए जाएंगे। उनका कहना है कि जिले से लिए गए सैंपल चंडीगढ़ स्थित राजकीय फूड लैब में भेजे जाते हैं।
सामान्यतः 20 से 25 दिन में रिपोर्ट मिलती है, हालांकि कई बार इसमें देरी भी हो जाती है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही विभाग नियमानुसार कार्रवाई करता है। पिछले वर्ष मार्च में नवरात्र के दौरान कुट्टू और शामक के चावल का आटा खाने से साढौरा में 100 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। उस घटना के बाद भी विभाग की जांच व्यवस्था पर सवाल उठे थे। आंकड़ों के अनुसार, पिछले पौने तीन वर्षों में जिले में 577 सैंपल लिए गए। वर्ष 2023-24 में 221 सैंपलों में से 12 सब स्टैंडर्ड पाए गए। वर्ष 2024-25 में 127 सैंपल में आठ सब स्टैंडर्ड और एक अनसेफ मिला। वर्ष 2025 में दिवाली से पहले लिए गए 179 सैंपलों में 14 अनसेफ निकले। संवाद