यमुनानगर। करनाल जिले के एक युवक को तब अपने साथ हुई धाेखाधड़ी का पता चला जब उसे ऋण किस्त जमा कराने का नोटिस मिला। जबकि उसे वह कार कभी मिली ही नहीं जिसके लिए उसने ऋण लिया था। मामले की शिकायत मिलने पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने जांच के बाद सोनू बंसल, वीरेंद्र शर्मा, सुमित राणा, चिराग, शिखा व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
करनाल के गांव नगला मेघा निवासी विजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने अक्टूबर 2025 में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड से 5.36 लाख रुपये का ऋण लेकर यमुनानगर स्थित नेक्सा शोरूम से बलेनो कार खरीदने की प्रक्रिया पूरी की थी। ऋण की राशि फाइनेंस कंपनी की ओर से सीधे शोरूम के खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। कुछ समय बाद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी उसके घर पहुंचे और बकाया किस्त जमा कराने को कहा।
इस पर विजय कुमार को शक हुआ और उसने मामले की जानकारी जुटाई। जांच करने पर पता चला कि जिस कार के लिए उसने ऋण लिया था, वह पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को डिलीवर कर दी गई है। जब वह शोरूम पहुंचा तो उसे बताया गया कि कार की डिलीवरी कथित रूप से चिराग, सोनू बंसल और वीरेंद्र शर्मा की मिलीभगत से किसी अन्य व्यक्ति को कर दी गई। संवाद