संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सिंचाई विभाग के दादूपुर जल सेवा मंडल के एक्सईएन और एसडीओ पर आधी रात बिना अधिकृत ड्यूटी के वाहनों की जांच करना भारी पड़ गया। वायरल वीडियो के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रतापनगर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस पूरे घटनाक्रम वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
वायरल वीडियो के अनुसार दादूपुर जल सेवा मंडल के एक्सईएन विजय गर्ग और एसडीओ अजय कटारिया नदी क्षेत्र से खनन सामग्री लेकर आने-जाने वाले वाहनों की जांच करते दिखाई दिए। इसी दौरान एक वाहन चालक ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में चालक अधिकारियों से पूछता है कि क्या यह उनका जांच क्षेत्र है और किस अधिकार से वाहनों की जांच की जा रही है।
इस पर अधिकारी सिंचाई विभाग की पटरी होने और वेट ब्रिज पर वजन जांचने की बात कहते नजर आते हैं। वह कह रहे हैं कि हम अपनी पटरी पर वाहनों की जांच कर रहे हैं। किसी ने हमारी पटरी का मिसयूज कर लिया तो। इस पर वीडियो बनाने वाला कहता है कि यहां तो कोई पटरी नहीं है। फिर यहां जांच कैसे की जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद हथनीकुंड बैराज सर्कल के अधीक्षक अभियंता प्रवीण गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार दोनों अधिकारियों की उस समय ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए कोई ड्यूटी निर्धारित नहीं थी और न ही उन्हें इस तरह की कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया था।
शिकायत में यह भी कहा गया कि वीडियो में दोनों अधिकारी कुछ निजी लोगों के साथ दिखाई दे रहे हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और ईमानदारी पर सवाल उठते हैं। पुलिस जांच के साथ ही एक्सईएन और एसडीओ की विभागीय जांच भी की जा रही है।
प्रतापनगर थाना पुलिस ने अधीक्षक अभियंता की शिकायत पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी रोहताश के अनुसार वायरल वीडियो की सत्यता, घटना के समय दोनों अधिकारियों की भूमिका और उनकी मौजूदगी के कारण पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वजन जांच के अधिकार पर बढ़ी नोकझोंक
वायरल वीडियो में एक युवक अधिकारियों से पूछता है कि सड़क पर चल रहे वाहनों की जांच किस आदेश के तहत की जा रही है। जवाब में अधिकारी वाहनों का वजन वेट ब्रिज पर कराने की बात कहते हैं। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच अधिकार क्षेत्र और जांच प्रक्रिया को लेकर तीखी बहस होती दिखाई देती है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मुखबिर से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थे। वहां संबंधित वाहन चालक से रवाना मांगा गया और जांच में सही पाए जाने पर उन्हें जाने दिया गया। कुछ देर बाद कुछ युवक वहां पहुंचे और गलत तरीके से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। - अजय कटारिया, एसडीओ सिंचाई विभाग।