संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महादेव कॉलोनी में गैस पाइपलाइन में रिसाव के बाद धमाके के साथ आग लगने के मामले में पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर वरुण टेलीकॉम गैस पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी के मालिक, इंजीनियर, कर्मचारियों और अन्य को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि पाइपलाइन पर काम करते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। हादसे में कई लोग झुलस गए थे, जबकि दो दुकानों में रखा सामान जलकर राख हो गया था।
पुलिस चौकी रामपुरा को दी शिकायत में महादेव कॉलोनी निवासी कंवलजीत कौर ने बताया कि चिट्टा मंदिर चौक की तरफ सड़क पर उसके मकान के साथ दो दुकानें हैं। इनमें एक दुकान में वह सिमर ब्यूटी पार्लर एवं बुटीक चलाती है, जबकि साथ लगती दुकान में सुनीता इलेक्ट्रिकल सामान और प्रेस का काम करती है।
शिकायत के अनुसार, 21 अक्तूबर की शाम कंपनी के तीन-चार मजदूर दुकान के बाहर सड़क किनारे गैस पाइपलाइन पर काम कर रहे थे। आरोप है कि मौके पर कंपनी का कोई इंजीनियर या अधिकारी मौजूद नहीं था। आग बुझाने के उपकरण और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी नहीं थे। इसी दौरान पाइपलाइन से लीक हो रही गैस में अचानक आग लग गई। हादसे में सुनीता, रवि, अंकित, राकेश, अरमान, वंश सहित कई लोग झुलस गए।
कंवलजीत कौर के अनुसार, आग में उसकी दुकान की इन्वर्टर बैटरी, सिलाई मशीनें, मोबाइल फोन, कपड़े, पार्लर का सामान और नकदी जल गई। सुनीता की दुकान का सामान, एलसीडी, कपड़े और नकदी भी आग की चपेट में आ गए। दुकान के बाहर खड़ी साइकिल और एक्टिवा भी क्षतिग्रस्त हो गई। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। थाना शहर यमुनानगर एसएचओ मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।