संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। बारिश के बाद शहर की निचली कॉलोनियों से पानी उतर गया हो, लेकिन पीछे छूटी गंदगी, नालों की गाद और बदबू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में नालियां और नाले गाद से अटे पड़े हैं। उनके किनारों पर जमी मोटी परत से दुर्गंध फैल रही है, जबकि जगह-जगह जमा पानी के कारण मच्छरों व अन्य कीट-पतंगों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी है।
शहर की सबसे अधिक प्रभावित कॉलोनियों में शामिल प्रोफेसर कॉलोनी में शुक्रवार को तीन से चार फीट तक पानी भर गया था। शनिवार को पानी उतरने के बाद गलियों और घरों के बाहर गाद की मोटी परत दिखाई दी। नाले की गंदगी गलियों तक पहुंचने से टाइलें काली पड़ गई हैं।
कई स्थानों पर अब भी पानी जमा है, जिससे दुर्गंध के बीच लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। निवासी अपने स्तर पर घरों और गलियों की सफाई में जुटे रहे। इसी तरह लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी, ससौली रोड, अमरपुरी, आत्मापुरी, हरबंसपुरा, पुराना हमीदा, गांधीनगर, जगाधरी के बर्तन बाजार, स्कूल रोड और सिविल लाइन सहित कई क्षेत्रों में बारिश के बाद गंदगी का आलम देखने को मिला। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गाद बाहर निकलकर सड़कों और गलियों में फैल गई।
इससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी उतरने के बाद लोगों ने राहत की सांस तो ली, लेकिन अब घरों में घुसी मिट्टी और गंदगी को साफ करने में पूरा दिन बीत रहा है।
सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम बेहद गंभीर है। सफाई को लेकर सभी क्षेत्रों में अभियान चलाया जाएगा। सभी स्थानों की सफाई करवाई जाएगी।
-सुमन बहमनी, मेयर नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी।
शहर की प्रोफेसर कॉलोनी में बारिश के बाद लगे गंदगी के ढेर। संवाद