संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। धान के बीज की किल्लत के चलते किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। सोमवार को नई अनाज मंडी में स्थित एक दुकान पर 7501 धान के बीज की बिक्री की सूचना मिलते ही क्षेत्र के आसपास के अलावा दूरदराज से लोग बीज लेने के लिए कड़कती धूप में कतारों में खड़े हो गए।
किसानों को एक आधार कार्ड पर एक थैली बीज वितरित किया गया। कई किसानों को बीज न मिलने के कारण बैरंग लौटना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन के हलका प्रधान सतपाल मानकपुर ने आरोप लगाया कि धान की बिजाई का समय बिलकुल नजदीक है, लेकिन बाजार में धान का बीज नहीं मिल रहा और जहां बीज मिल रहा है वहां दोगुने दाम देने पड़ रहे है। कृषि विभाग के अधिकारी भी किसानों की इस समस्या का समाधान करने में विफल साबित हो रहे है।
किसान देवी चंद ने बताया कि धान की पनीरी तैयार करने का समय है लेकिन बाजार में बीज नहीं मिल रहा है। सोमवार को नई अनाज मंडी में 7501 धान का बीज खरीदने के लिए तपती गर्मी में सुबह लंबी कतार में लग गया था लेकिन बीज की किल्लत के कारण बैरंग ही लौटना पड़ा।
किसान भूपिंदर ने बताया कि बीज की कालाबाजारी की जा रही है। धान की 7501 किस्म का बीज लेने के लिए पिछले 15 दिनों से चक्कर काट रहे हैं पर बीज नहीं मिल रहा। बीज की सरकारी दुकान पर कहा जाता है बीज नहीं है लेकिन बाकी दुकानों पर मिल रहा है। लेकिन वह भी दोगुने दामों पर बेच रहें है।
किसान राजेन्द्र कुमार ने बताया कि बीज की एक थैली का निर्धारित मूल्य 1710 रुपये है। इस बीज की डिमांड अधिक होने के कारण ब्लैक में बहुत महंगा तक बेचा जा रहा है। थोक विक्रेताओं द्वारा चोरी छिपे दुकानदारों को बीज की सप्लाई की जाती है और वो फिर मनमाने दामों पर बीज को बेचते है।
कालाबाजी की तो लाइसेंस होगा रद्द
इस मामले में कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी विवेक ने बताया कि धान बीज की 7501 सप्लाई में कुछ कमी चल रही है, जिसके चलते ये परेशानी हो रही है। पिछले वर्ष 7501 किस्म की पैदावार अच्छी होने से किसान इसी बीज की डिमांड कर रहे हैं, जिसके चलते भी दिक्कत हो रही है। बीज की कालाबाजारी को लेकर कहा कि अगर कोई भी दुकानदार तय मूल्य से ज्यादा में बीज बेचता हुआ पाया गया तो उसका लाइसेंस भी रद्द करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।