संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मिशन वात्सल्य के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई यमुनानगर की ओर से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सब्जी मंडी में पॉक्सो अधिनियम-2012 एवं उसके संशोधनों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और कानून संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।
जिला बाल संरक्षण इकाई के परामर्शदाता मुनीश कुमार ने पॉक्सो अधिनियम की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और ऑनलाइन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करता है। उन्होंने छात्राओं को अपनी समस्याएं और असहज अनुभव बिना झिझक अभिभावकों, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से साझा करने के लिए प्रेरित किया।
सामाजिक कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह ने छात्राओं को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान उदाहरणों के माध्यम से समझाई। उन्होंने कहा कि यदि कोई परिचित व्यक्ति भी अनुचित व्यवहार करे तो बच्चे चुप न रहें और तुरंत इसकी जानकारी दें। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में जानकारी देते हुए आपात स्थिति में उपयोगका तरीका बताया। साथ ही सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने के लिए भी जागरूक किया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार और सदस्य सुशील गुलाटी ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना केवल अभिभावकों ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण होना चाहिए, ताकि बच्चे सुरक्षित महसूस करें और अपने अधिकारों व संरक्षण संबंधी विषयों की जानकारी प्राप्त कर सकें।