संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के गांव कुंजल की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। गांव के लोगों को वर्षों से गेहूं पिसवाने के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता था। महिलाओं ने आटा चक्की लगाकर अब यह समस्या खत्म कर दी है।
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित उन्नति प्रोड्यूसर ग्रुप की महिलाओं ने मिलकर गांव में आटा चक्की स्थापित की है। इसका शुभारंभ जिला कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र शर्मा ने किया। वर्ष 2025 में गठित उन्नति प्रोड्यूसर ग्रुप में 20 महिलाएं शामिल हैं। समूह की प्रधान नरेंद्र कौर, सचिव पूनम और खजांची सरस्वती हैं।
इनके अलावा सोना, बाला, अंगूरी, रिंपी, सविता, नीलम, मंजीत, सुनीता, गीता, रीटा सहित अन्य महिलाएं समूह से जुड़ी हैं। समूह की अधिकांश महिलाएं पहले केवल गृहिणी थीं, लेकिन अब सामूहिक स्वरोजगार के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं। समूह की खजांची सरस्वती के घर पर आटा चक्की स्थापित की गई है।
महिलाओं ने बताया कि शुरुआत में मिशन की ओर से तेल का कोल्हू लगाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन गांव की जरूरत को देखते हुए महिलाओं ने आटा चक्की लगाने का निर्णय लिया। इसके लिए हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से दो लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।
महिलाओं का कहना है कि पहले गांव के लोगों को गेहूं पिसवाने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था। समय और खर्च दोनों अधिक लगते थे। अब गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से सैकड़ों परिवारों को राहत मिली है। साथ ही आसपास के गांवों के लोग भी यहां आटा पिसवाने आने लगे हैं, जिससे समूह की आय में भी वृद्धि हो रही है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 47 हजार महिलाएं : देवेंद्र शर्मा
जिला कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में करीब 47 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। मिशन के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंक ऋण और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुंजल गांव की महिलाओं की यह पहल अन्य स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। बीपीएम देवेंद्र राणा और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर कर्मजीत कौर ने समूह की महिलाओं को बधाई देते हुए अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
गांव कुंजल में आटा चक्की का रिबन काटकर शुभारंभ करते मिशन के अधिकारी। संवाद